|
रात में देख रहे हैं लोग ताज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शनिवार की रात एक बार फिर चांदनी में नहाए ताजमहल को आम लोग देख सकेंगे. उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद ताजमहल को रात में आम लोगों के लिए खोला जा रहा है लेकिन महीने के सिर्फ पांच रातों में ही इसे देखा जा सकेगा. फ़िलहाल यह अनुमति तीन महीने के लिए दी गई है. बीस साल बाद ताज महल को चांदनी रात में देखने के लिए खोला जा रहा है. 1984 में चरमपंथी हमलों की आशंका के कारण सरकार ने इसे बंद करने का निर्णय लिया था. उत्तर प्रदेश सरकार चाहती थी कि ताज महल को चाँदनी रातों में पर्यटकों के लिए खोल दिया जाए लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने सिर्फ़ पाँच दिनों की अनुमति दी है. और इस दौरान दर्शकों को ताज महल के नज़दीक जाने की अनुमति नहीं होगी. शर्तें न्यायमूर्ति रुमा पाल, न्यायमूर्ति एसबी सिन्हा और न्यायमूर्ति एसएच कपाड़िया के तीन सदस्यीय खंडपीठ ने यह अनुमति देते हुए कई शर्ते लगाई हैं. यह अनुमति देने से पहले खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार, पुरातत्व संरक्षण विभाग, केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के वकीलों के पक्ष को सुना. पूर्णिमा के दो दिन पहले, पूर्णिमा के दिन और इसके दो दिनों बाद पर्यटक ताज महल को देख सकेंगे. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि इसके लिए टिकटें कम्यूटर से जारी की जाएँगीं और एक बार में पचास से अधिक लोगों को वहाँ जाने की अनुमति नहीं होगी. ताज महल रात आठ बजे से रात साढ़े बारह बजे तक खुला रहेगा और एक रात में 400 से अधिक लोग भीतर नहीं जा सकेंगे. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में ताज महल के पाँच सौ मीटर के दायरे के भीतर किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी चाहे वह कोई अति विशिष्ट व्यक्ति ही क्यों न हो. न्यायालय के निर्देशानुसार रात के समय ही महीने में एक बार ताज महल के संरक्षण के मामलों पर निगरानी के लिए बनी महाजन समिति के सदस्य ताज महल का दौरा भी करेंगे और यह देखेंगे कि न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं. पीठ ने कहा है कि निर्देशों का उल्लंघन होने पर यह अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||