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भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सीबीआई के छापे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान के तहत सीबीआई ने लगभग 50 सरकारी अधिकारियों के ख़िलाफ़ 198 स्थानों पर छापे मारे हैं और उनके ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए हैं. देश के लगभग 54 शहरों में दो हज़ार से अधिक सीबीआई अधिकारी इस अभियान में लगे थे. इसमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहर शामिल हैं. सीबीआई प्रवक्ता जी मोहंती ने बताया है ये छापे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ विशेष अभियान के तहत मारे गए हैं. उन्होंने कहा,"सीबीआई ने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए सरकारी अधिकारियों के ख़िलाफ़ एक विशेष अभियान चलाया है". प्रवक्ता ने कहा है कि सीबीआई ने अभी तक 35 मामले दर्ज किए हैं. ऐसी ख़बरें हैं कि मानव संसाधन मंत्रालय,भारतीय आर्थिक सेवा,सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क अधिकारियों के घर छापे मारे गए हैं. चौथी बार छापे सीबीआई पिछले कुछ समय से भ्रष्ट अधिकारियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाए हुए हैं और इस साल चौथी बार छापे मारे गए हैं. समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार पंजाब के पूर्व मंत्री के घर भी सीबीआई ने छापा मारा है. भ्रष्टाचार करके आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के शक में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने देश भर में कई सरकारी अधिकारियों के यहाँ छापे मारे हैं. आयकर, कस्टम और सेंट्रल एक्साइज़ के अलावा कई विभागों के अधिकारियों के कोई 60 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं. इससे पहले फ़रवरी और अप्रैल में छापे मारे गए थे और देश भर से करोड़ों की संपत्ति बरामद की गई थी. सीबीआई के अनुसार इस साल सीबीआई ने 540 से अधिक मामले दर्ज किए हैं. पहले छापे में एक करोड़ की नक़दी और 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की गई थी. दूसरे छापे में सीबीआई ने 11 करोड़ से अधिक की नक़दी, ज्वेलरी और संपत्ति ज़ब्त की थी. सीबीआई के तीसरे छापे का लक्ष्य आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले अधिकारियों के यहाँ छापे मारना था. |
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