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मुलायम ने विश्वास मत हासिल किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीएसपी विधायकों के दल बदल के मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट का फ़ैसला आने के बाद मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सदन में विश्वास मत हासिल किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक पीठ ने दो के मुक़ाबले एक के बहुमत से दिए फ़ैसले से बहुजन समाज पार्टी के 40 विधायकों के दलबदल का मामला एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुँचा दिया था. अदालत का फ़ैसला आने के कुछ ही घंटे के भीतर सत्ताधारी समाजवादी पार्टी ने सदन में विश्वास मत रखा जिसका विपक्षी दलों ने जमकर विरोध किया. विपक्ष ने इस प्रस्ताव के विरोध में सदन से वाकआउट कर दिया. कांग्रेस, भाजपा और बसपा के विधायक सदन की कार्रवाई छोड़कर बाहर निकल गए. विपक्षी विधायकों की गैर-मौजूदगी में विश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन हुआ, कुल 207 मत इस प्रस्ताव के पक्ष में पड़े लेकिन इसके ख़िलाफ़ कोई वोट नहीं पड़ा. मुलायम सिंह यादव की सरकार के एक मंत्री अंबिका चौधरी ने विश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने को सही ठहराया और कहा कि बहुत ज़्यादा ग़लतफ़हमियाँ पैदा हो गई थीं इसलिए ऐसा करना ज़रूरी था. दूसरी ओर, सदन में विपक्ष के नेता लालजी टंडन ने मुलायम सिंह के इस्तीफ़े की माँग की. | इससे जुड़ी ख़बरें स्पीकर ने बसपा की याचिका रद्द की07 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'मैं कभी भी ब्राह्मण-विरोधी नहीं थी'09 जून, 2005 | भारत और पड़ोस मायावती सोनिया गाँधी से मिलीं16 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस मध्यप्रदेश बहुजन समाज पार्टी में फूट पड़ी 29 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस मुलायम की स्थिति मज़बूत | भारत और पड़ोस मुलायम सिंह बने मुख्यमंत्री | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संकट | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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