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मुख्यमंत्री-राजभवन के बीच खींचतान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में संवैधानिक संकट की स्थिति दिख रही है. एक ओर राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने विधानसभा का सत्रावसान कर दिया है तो दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष माताप्रसाद 15 जनवरी को सत्र बुलाने के अपने फ़ैसले पर क़ायम हैं. उधर मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार की अस्थिरता का कोई सवाल ही नहीं है और जब भी ज़रुरत होगी वह बहुमत साबित कर देंगे. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह की साझा सरकार से अलग होने की घोषणा करते हुए राष्ट्रीय लोकदल के मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. विवाद मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने मंगलवार देर रात कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया था कि विधानसभा का सत्र समाप्त करने का जो अनुरोध राज्यपाल से किया गया था उसे वापस ले लिया जाए.
सरकार की ओर से बाक़ायदा इसके लिए राज्यपाल को अनुरोध भेजा गया लेकिन उसे अनदेखा करते हुए राज्यपाल ने बुधवार की सुबह सत्रावसान करने की घोषणा वाली फ़ाइल सरकार के पास भेज दी. विधानसभा के अध्यक्ष माताप्रसाद विधानसभा सत्र 15 जनवरी को ही बुलाए जाने के अपने निर्णय पर क़ायम हैं. उन्होंने कहा है कि राज्यपाल ने अगर सत्रावसान का कोई निर्णय लिया है तो उससे पहले ही वे सत्र बुला चुके थे और अब सत्र 15 जनवरी को ही होगा. विपक्ष की आपत्ति लेकिन मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच चल रही इस राजनीतिक खींचतान पर विपक्षी दल भाजपा को आपत्ति है. प्रतिपक्ष के नेता लालजी टंडन का कहना है कि राज्यपाल के सत्रावसान किए जाने के बाद भी सत्र बुलाने का सरकार का फ़ैसला सही नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने जानबूझकर संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा की है और वे मुख्यमंत्री और राजभवन के बीच खींचतान की एक ख़राब परंपरा शुरु कर रहे हैं. उनका कहना था, "अजीत सिंह की पार्टी ने सरकार से अलग होने का फ़ैसला किया हो चाहे जो हुआ हो लेकिन जब कोई मुलायम सिंह सरकार के बहुमत को लेकर कोई सवाल उठा ही नहीं रहा है तो फिर मुख्यमंत्री यह सब क्यों कर रहे हैं." उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि अगर ज़रुरत हुई तो वे बहुमत साबित कर देंगे. इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजित सिंह ने उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की साझा सरकार से अलग होने की घोषणा कर दी थी. उन्होंने घोषणा की थी कि मुलायम सरकार में शामिल राष्ट्रीय लोकदल के सभी तीनों मंत्रियों ने इस्तीफ़े दे दिए हैं. हालांकि 244 विधायकों के समर्थन से चल रही मुलायम सरकार को 15 विधायकों वाली अजित सिंह की पार्टी के हट जाने से कोई संकट नहीं दिखता. | इससे जुड़ी ख़बरें अजीत ने मुलायम का साथ छोड़ा09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस तीन राज्यों में फ़रवरी में होंगे चुनाव29 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन के बयान पर राजनीतिक बवाल10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुलायम सीबीआई जाँच पर राज़ी 05 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सोनिया का निठारी दौरा, मुलायम को कोसा06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस तीसरे मोर्चे की संभावना तलाशती सपा14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस चार विधायकों की सदस्यता ख़त्म19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पेश 04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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