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चार विधायकों की सदस्यता ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में दल बदल कानून के तहत सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी के चार बाग़ी विधायकों की सदस्यता ख़त्म कर दी गई है. उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था. विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने अपने फ़ैसले में कहा है कि सपा के चारों विधायकों को पार्टी के आदेश के बावजूद राज्यसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने का दोषी पाया गया. ये चारों विधायक, श्रीमती ओमवती देवी, सुंदर लाल, कल्याण सिंह दोहरे और रतन लाल अहिरवार पहले ही पार्टी के ख़िलाफ़ विद्रोह करते हुए बसपा में शामिल हो चुके हैं. राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवारों का समर्थन करने के बाद राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इन विधायकों की सदस्यता ख़त्म करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को अर्ज़ी दी थी. पार्टी व्हिप भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए किसी राज्य के विधायकों को सदस्यता से हाथ धोना पड़ा है. यह आदेश विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक दो दिन पहले आया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को विधानसभा में स्पष्ट बहुमत प्राप्त है. हालाँकि ताज़ा फ़ैसले से उनके विरोधियों की संख्या में कमी ज़रूर होगी. माना जा रहा है कि चारों विधायक विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को अदालत में चुनौती देंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें वीपी किसानों के लिए गिरफ़्तार हुए17 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस यूपी में चुनावी सरगर्मी तेज़ हुई14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'न्यायालय जाएगी समाजवादी पार्टी'31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश का विधायक अयोग्य क़रार20 मई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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