|
सीबीआई जाँच पर विचार हो:राज्यपाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से कहा है कि नोएडा के सनसनीखेज कांड की तफ़्तीश केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने पर विचार करें. लखनऊ में राजभवन के सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र लिखा है. आम तौर पर राज्यपाल प्रशासनिक मामलों में दख़ल नहीं देते हैं लेकिन इस तरह का लिखित सुझाव एक प्रकार से राज्यपाल का निर्देश माना जाएगा. अगर मुख्यमंत्री इसकी अवहेलना करते हैं तो आगे चलकर इसे एक गंभीर संवैधानिक संकट के रूप में देखा जा सकता है. नोएडा का यह मामला केवल एक क़ानूनी मुद्दा नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है. माना जा रहा है कि राज्यपाल ने यह पत्र केंद्र सरकार को विश्वास में लेकर ही लिखा होगा, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच सीबीआई से जाँच कराने को लेकर पहले से ही रस्साकशी चल रही है. विशेष जाँचदल राज्य सरकार ने इस मामले में एक विशेष दल का गठन भी कर दिया है जो इस पूरे प्रकरण की छानबीन का काम करेगा. राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में काम करने वाले इस विशेष दल में 20 आला-अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है. इनमें कुछ फोरेंसिक विशेषज्ञ और कुछ न्यायिक मामलों के जानकारों को भी शामिल किया गया है. राज्य के मेरठ ज़ोन के आईजी ने बीबीसी को बताया कि यह विशेष दल केवल इस मामले की ही प्राथमिकता के आधार पर जाँच करेगा. बर्खास्तगी उधर निठारी गाँव में बच्चों की हत्या के मामले में छह पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है.
ये पुलिसकर्मी उसी क्षेत्र में नियुक्त थे जहाँ से कई बच्चों और औरतों के लापता होने की घटना सामने आई. भारी जनाक्रोश के कारण तीन अन्य पुलिस अधिकारी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं. इसी बीच इस हत्याकांड की छानबीन के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने गुरूवार से अपनी जाँच शुरु कर दी है. समिति ख़ास तौर पर इस बात की जाँच करेगी कि स्थानीय पुलिस ने लापता हुए बच्चों को ढूँढने के लिए क्या क़दम उठाए. समिति अपनी रिपोर्ट 15 दिन के अंदर सरकार को सौंप देगी. पिछले महीने नोएडा के पास निठारी गाँव में 17 कंकाल बरामद हुए थे जो पिछले दो वर्षों के दौरान लापता हुए बच्चों और महिलाओं के थे. बच्चों के यौन शोषण और क़त्ल की घटना तब प्रकाश में आई जब स्थानीय पुलिस ने नोएडा के सेक्टर 31 के एक घर से एक बोरी बरामद की जिसमें उसे कुछ कपड़े और मानव अस्थियाँ मिलीं. इनमें से 12 बच्चों के कंकालों की पहचान की जा चुकी है. | इससे जुड़ी ख़बरें नोएडा में बच्चों के कंकाल बरामद29 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लोगों का ग़ुस्सा फूटा, पुलिस पर पथराव01 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट माँगी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस हाईकोर्ट ने लापता बच्चों पर रिपोर्ट माँगी03 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सीबीआई जाँच की अपील ठुकराई03 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||