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हाईकोर्ट ने लापता बच्चों पर रिपोर्ट माँगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नोएडा के निठारी गाँव में बच्चों की हत्या के मामले के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तरप्रदेश सरकार से अपहृत और लापता बच्चों को बारे में रिपोर्ट माँगी है. बुधवार को यह नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट ने जवाब देने के लिए राज्य के गृहसचिव और पुलिस महानिदेशक को छह फ़रवरी तक का समय दिया है. इससे पहले बुधवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने निठारी गाँव के 17 बच्चों के साथ यौन दुराचार और हत्या के मामले की जाँच सीबीआई से कराने की अपील ख़ारिज कर दी. इस बीच केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जाँच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है और उत्तरप्रदेश सरकार ने कई पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया है. नोटिस इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो सदस्यीय पीठ ने आगरा के दयाल शर्मा की याचिका पर यह नोटिस जारी किया है. दयाल का 17 साल का बेटा पिछले साल फ़रवरी से लापता है और अब तक उसका पता नहीं चला है. न्यायमूर्ति अमर शरण और न्यायामूर्ति आरएन मिश्रा ने उत्तरप्रदेश सरकार से कहा है कि वह हर ज़िले में एक विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना करे और ज़िलेवार लापता बच्चों की जानकारी एकत्रित करे. अदालत ने कहा है कि 5 से 10 वर्ष और 10 से 18 वर्ष की श्रेणियों में बाँटकर ये सूचनाएं एकत्रित की जानी चाहिए. हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से कहा है कि वे सभी पुलिस स्टेशनों को मामला दर्ज करके तुरंत जाँच शुरु करने के निर्देश दें. सीबीआई जाँच का मामला उधर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार करते हुए सीबीआई जाँच की अपील ठुकरा दी है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वाईके सभरवाल और न्यायमूर्ति सीके ठक्कर ने अधिवक्ता रवि प्रकाश गुप्ता की मौखिक अपील को ख़ारिज कर दिया.
अदालत ने कहा कि अभी केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी को जाँच में शामिल करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग पहले से ही मामले की पड़ताल कर रहे हैं. केंद्रीय महिला एवँ बालविकास मंत्री रेणुका चौधरी ने कहा कि ज़रुरत पड़ने पर केंद्र सरकार सीबीआई से जाँच करवाएगी. तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने पहले तो कहा कि सीबीआई जाँच की ज़रुरत नहीं है. लेकिन जब वामपंथी दलों सहित चौतरफ़ा दबाव पड़ना शुरु हुआ तो उन्होंने भी कहा कि आवश्यकता होने पर सीबीआई को जाँच सौंप दी जाएगी. उल्लेखनीय है कि पिछले शुक्रवार को निठारी गाँव में मोहिंदर सिंह के घर से बच्चों के कंकाल मिलने का सिलसिला जो शुरु हुआ तो बुधवार तक यह सिलसिला रुका नहीं था. पुलिस अधिकारी मोहिंदर सिंह और उनके नौकर सुरेंद्र कोली के हवाले से बता रहे हैं कि वे बच्चों के साथ यौन दुराचार करने के बाद उनकी हत्या कर देते थे. दोनों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है और वे इस समय पुलिस रिमाँड पर हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लोगों का ग़ुस्सा फूटा, पुलिस पर पथराव01 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट माँगी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नोएडा में नाराज़ लोग सड़कों पर उतरे31 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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