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नोएडा में नाराज़ लोग सड़कों पर उतरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नोएडा में 17 कंकाल मिलने के बाद आम जनता में भारी आक्रोश है. अपना विरोध जताने के लिए रविवार को लोग सड़कों पर उतर आए जिनमें मृतकों के परिवार वाले भी शामिल थे. स्थिति को क़ाबू में रखने के लिए प्रशासन ने नोएडा के कुछ इलाक़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. लोगों के ग़ुस्से की एक वजह यह भी है कि हाल में एडोबी कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के बेटे अनंत के अपहरण का मामला सुलझाने में पुलिस ने जो तत्परता दिखाई वो निठारी के ग़रीब परिवारों के बच्चों के लापता होने पर नहीं दिखी. पिछले दो दिनों में नोएडा के निठारी गाँव में ज़मीन खोदकर 17 कंकाल निकाले गए हैं. निठारी गाँव के नाराज़ लोगों ने उस घर पर पथराव किया जहाँ से ये कंकाल पिछले दो दिनों में बरामद किए गए हैं. अनियंत्रित होती नाराज़ भीड़ पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पडा. नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर ने बीबीसी को बताया कि अधिक संख्या में सुरक्षा बल तैनात करके अनियंत्रित होती भीड़ को ज़ल्द ही क़ाबू में कर लिया गया. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. जाँच आरकेएस राठौर के अनुसार 17 कंकालों में से 12 की शिनाख़्त उनके परिवार वालों ने कर ली है. उन्होंने कहा कि अभी जाँच चल रही है जबकि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार है. शुक्रवार को बच्चों के यौन शोषण और क़त्ल की ये घटना तब प्रकाश में आई जब स्थानीय पुलिस ने एक आदमी की जानकारी के आधार पर नोएडा के सेक्टर 31 के एक घर से एक बैग बरामद किया जिसमें उसे कुछ कपड़े और मानव अस्थियाँ मिलीं. एक व्यापारी के यहाँ काम करने वाले इस आदमी ने बताया कि उसने कई बच्चों और औरतों का यौन शोषण किया और उन्हें मार दिया. बच्चों को मिठाई और औरतों को नौकरी का लालच देकर ये आदमी इस मकान तक लाता था. पुलिस ने घर के मालिक और नौकर को बलात्कार, अपहरण और क़त्ल के ज़ुर्म में गिरफ़्तार कर दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिसिया लापरवाही पिछले 21 महीनों में तीन से 11 साल के लगभग 38 बच्चे निठारी गाँव से गायब हो गए थे. इस गाँव में ज़्यादातर बाहर से आए लोग रहते हैं जो यहाँ मज़दूरी का काम करते हैं.
इन बच्चों के अभिभावकों ने कई बार पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने शिकायत तक नहीं दर्ज की. घटना के बाद से राज्य सरकार सात पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने के साथ कइयों के तबादले कर चुकी है. बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने नोएडा पहुँच कर सरकारी प्रशास को आड़े हाथों लिया और क़ानून व्यवस्था के मामले पर मुलायम सरकार से इस्तीफ़े की मांग की. मायावती ने मुलायम सिंह से नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा देने की मांग की. उन्होंने राज्यपाल से भी अपील की कि अगर मुलायम सिंह इस्तीफ़ा नहीं देते तो वो केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने का सुझाव दें. नोएडा और ग़ाज़ियाबाद जैसे दिल्ली से सटे इलाक़ों में अपहरण और हत्याओं के मामलों को लेकर विपक्ष लगातार मुलायम सिंह सरकार पर दबाव बनाए हुए है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कंकाल दंगों में मारे गए लोगों के ही'24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नोएडा में बच्चों के कंकाल बरामद29 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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