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'कंकाल दंगों में मारे गए लोगों के ही' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में पांडरवाड़ा के क़रीब एक क़ब्रगाह से मिली इंसानी हड्डियों के नमूनों की डीएनए जाँच से इसकी पुष्टि हुई है कि ये हड्डियाँ उन्हीं लोगों की है, जिन्हें स्थानीय मुसलमान 2002 के दंगों में मारे गए अपने परिवारजन कहते आए हैं. पिछले साल दिसंबर में मिली इन इंसानी हड्डियों की डीएनए जाँच के आदेश गुजरात हाई कोर्ट ने दिए थे. इस मामले की छानबीन केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है. हैदराबाद की एक फ़ारेंसिक साइंस लेबॉरेटरी ने इस बात की पुष्टि की है कि दिसंबर में पांडरवाड़ा के क़रीब मिले मानव अवशेष उन्हीं लोगों के हैं, जिन्हें स्थानीय मुसलमान दंगों में मारे गए अपने परिवारजन बताते हैं. पिछले साल दिसंबर में पांडरवाड़ा के क़रीब ये मानव अवशेष खोद कर निकाले गए थे. आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि दंगों में मारे गए उनके रिश्तेदारों को बिना उन्हें सूचित किए और बिना पोस्टमार्टम के ऐसी जगह दफ़नाया गया था, जो क़ब्रिस्तान नहीं है. लेकिन पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई क़ानून के मुताबिक़ की गई थी. जब यह मामला गुजरात हाई कोर्ट के सामने आया था, तो अदालत ने सीबीआई को जाँच सौंपते हुए क़ब्रगाह से मिली हड्डियों और उनके रिश्तेदार होने का दावा करने वालों का डीएनए टेस्ट करने का आदेश दिया था. गुजरात के पुलिस प्रमुख जी राकेश अस्थाना ने बीबीसी को बताया जाँच रिपोर्ट में सैंपल उन लोगों से मिलते हैं जो मारे गए लोगों के रिश्तेदार होने का दावा करते हैं. उन्होंने बताया कि जाँच रिपोर्ट की एक प्रति हाई कोर्ट को भी सौंपी गई है. इस बात पर विवाद क़ायम है कि पांडरवाड़ा में कितने लोग मारे गए थे. वर्ष 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगे में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें ज़्यादातर मुसलमान थे. | इससे जुड़ी ख़बरें गुजरात में चार को उम्र क़ैद18 मई, 2006 | भारत और पड़ोस घड़ी वाली दरगाह है एकता की डोर12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सज़ा कम करने की याचिका ख़ारिज10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सज़ा कम करने की ज़ाहिरा की याचिका 20 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस गुजरात में चार 'चरमपंथी' मारे गए17 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ज़ाहिरा शेख़ का फिर नया बयान16 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'सुप्रीम कोर्ट से दिशा निर्देश लेंगे'13 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस न्याय व्यवस्था में जनविश्वास बढ़ा: तीस्ता24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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