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शुक्रवार, 24 नवंबर, 2006 को 06:19 GMT तक के समाचार
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चीन-पाकिस्तान के बीच अहम समझौते
हू जिंताओ की पाकिस्तान यात्रा
हू जिंताओ पिछले 10 सालों में पाकिस्तान की यात्रा करने वाले पहले चीनी राष्ट्राध्यक्ष हैं
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ के पाकिस्तान दौरे के तहत शुक्रवार को दोनों देशों के बीच कुछ अहम व्यापारिक और सामरिक समझौते हुए हैं.

लेकिन दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हुआ. इस बारे में सिर्फ़ इतना ही कहा गया कि मौजूदा योजनाओं को जारी रखा जाएगा.

हालांकि कुछ जानकारों का मानना था कि इस यात्रा के दौरान भारत और अमरीका की तरह ही दोनों देशों के बीच परमाणु समझौता संभव है.

इसके अलावा पाकिस्तान की वायुसेना के बयान में कहा गया है कि दोनों देश दीर्घकालिक योजनाओं पर मिलकर काम करेंगे ख़ासकर पूर्व चेतावनी देने वाली रडार प्रणाली पर.

कूटनीतिज्ञों का मानना है चीन-पाकिस्तान में हुए व्यापारिक समझौते के चलते अगले पाँच सालों में द्विपक्षीय व्यापार तीन गुना होकर 15 अरब डॉलर हो सकता है.

पिछले दस सालों में किसी चीनी राष्ट्रपति की ये पहली पाकिस्तान यात्रा है और इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

चीन-पाकिस्तान समीकरण

चीनी राष्ट्रपति गुरुवार को पाकिस्तान पहुँच थे. गुरुवार शाम को रात्रिभोज के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशरर्फ़ ने ही जिंताओ से कहा था कि विश्व में बदलती परिस्थितियों के बावजूद चीन के साथ दोस्ती बरकरार है.

चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक पाकिस्तान के साथ अभूतपूर्व समझौते होने के संकेत मिले थे. हालांकि इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्ताना चाहता है कि चीन ज़्यादा परमाणु रिएक्टर बनाने में उसकी मदद करे ,ख़ासकर जब अमरीका ने उसकी मदद करने से इनकार कर दिया है.

परमाणु मामलों को लेकर पाकिस्तान और चीन के बीच लंबे समय से सहयोग चला आ रहा है और चीन पाकिस्तान को पारंपरिक हथियार देने वाला मुख्य देश है.

दोनों देश मिलकर एक लड़ाकू हवाईजहाज़ भी बना रहे हैं. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिचम पाकिस्तान में चीन ने एक बंदरगाह में लाखों डॉलर का निवेश किया है ताकि उसे अरब सागर तक मार्ग मिल सके.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक चीन और पाकिस्तान ने हमेशा से भारत के ख़िलाफ़ एक खेमा बनाए रखा है पर वर्तमान में शायद आर्थिक हालात पुरानी प्रतिद्वंद्विता पर भारी पड़ रहे हैं.

पाकिस्तान से पहले चीनी राष्ट्रपति भारत दौरा पर थे और उन्होंने भारत के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए है.

माना जा रहा है कि पाकिस्तानी दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति पाकिस्तान को भरोसा दिलाएँगे कि भारत से बढ़ते सहयोग के बावजूद चीन उसे सामरिक और आर्थिक सहयोग देता रहेगा.

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