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इमराना के ससुर को दस साल की जेल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुज़फ़्फ़रनगर में जून 2005 में बलात्कार की शिकार हुई इमराना के ससुर अली मोहम्मद को मुज़फ़्फ़रनगर की सेशन अदालत ने दस साल की जेल की सज़ा सुनाई है. अली मोहम्मद को दस हज़ार रुपए का जुर्माना देने का अदेश भी दिया गया है. लेकिन अली मोहम्मद का कहना है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे. ग़ौरतलब है कि इमराना के बलात्कार का मामला एक साल पहले तब सामने आया था जब एक पंचायत के फ़ैसले ने इसे विवाद और चर्चा का विषय बना दिया था. फ़तवा भी जारी हुआ सामुदायिक पंचायत ने फ़ैसला दिया था कि शरिया क़ानून के तहत वह अपने पति के साथ नहीं रह सकती और उन्हें अपने पति को बेटा मानना होगा. जून 2005 में ही मुसलमानों के धार्मिक मामलों की एक महत्वपूर्ण संस्था दारुल उलूम ने एक फ़तवा जारी किया था जिसके मुताबिक़ इमराना और उनके पति नूर इलाही की शादी ख़त्म हो गई है. उनका तर्क था कि नूर इलाही के पिता के साथ इमराना के शारीरिक संबंध हो जाने के कारण वह अपने पति के लिए माँ जैसी हो गई हैं. मानवाधिकार संगठनों, महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली संस्थाओं और भारतीय महिला आयोग भी इस मामले में इमराना के पक्ष में सक्रिय हो गए थे. इसके बाद पुलिस ने इस बारे में मामला दर्ज किया था और हाल में पुलिस ने इमराना के ससुर के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल किया था. पुलिस ने आरोप पत्र के साथ इमराना का बयान और उसके परिवार वालों सहित 12 लोगों की गवाही के कागज़ात लगाए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'बलात्कार संबंधी क़ानून में बदलाव हो'04 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस इमराना पर भारी दबाव, फ़तवे पर भ्रम01 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस गिरिजा व्यास पीड़ित महिला से मिलीं30 जून, 2005 | भारत और पड़ोस मुस्लिम पर्सनल क़ानूनों में सुधार की माँग28 जून, 2005 | भारत और पड़ोस पुत्रवधू का 'बलात्कारी' ससुर गिरफ़्तार16 जून, 2005 | भारत और पड़ोस पति की ही माँ बना दी गई महिला15 जून, 2005 | भारत और पड़ोस मुख़्तार माई सुप्रीम कोर्ट की शरण में26 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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