 |  पीड़ित महिलाओं को विवाद का केंद्र नहीं बनाना चाहिए: महिला आयोग अध्यक्ष - गिरिजा व्यास |
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने कहा है कि भारत में बलात्कार से संबंधित क़ानून में बदलाव होना चाहिए. उनका कहना था कि आयोग अगले हफ़्ते केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगा और मुज़फ़्फ़रनगर में बलात्कार की शिकार बनी एक मुस्लिम महिला और ऐसी अन्य पीड़ित महिलाओं को तत्काल मुआवज़ा दिए जाने और उनके पुनर्वास की माँग रखेगा. बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम 'आपकी बात - बीबीसी के साथ' में ये विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने माँग की कि ऐसी पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाए. मुज़फ़्फ़रनगर मामले के बारे में उनका कहना था, "इमराना के मामले से सबक मिलता है कि पीड़ित महिलाओं को विवाद का केंद्र नहीं बनाना चाहिए. साथ ही, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए और दोषियों को सबक मिलना चाहिए."  |  बलात्कार से संबंधित क़ानून में बदलाव ज़रूरी है. राजस्थान में एक न्यायालय ने तीन हफ़्ते में ऐसे एक मामले में फ़ैसला सुनाया. ये पूरे देश में क्यों नहीं हो सकता? पुलिस की जाँच एक हफ़्ते में पूरी हो जानी चाहिए  गिरिजा व्यास |
उनका कहना था, "बलात्कार से संबंधित क़ानून में बदलाव ज़रूरी है. राजस्थान में एक न्यायालय ने तीन हफ़्ते में ऐसे एक मामले में फ़ैसला सुनाया. ये पूरे देश में क्यों नहीं हो सकता? पुलिस की जाँच एक हफ़्ते में पूरी हो जानी चाहिए." राष्ट्रीय महिला आयोग के अधिकारों के बारे में बात करते हुए गिरिजा व्यास का कहना था कि 1992 में जिस क़ानून के तहत आयोग का गठन हुआ था, उसमें परिवर्तन होना चाहिए और आयोग को अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए. |