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गुरुवार, 30 जून, 2005 को 09:00 GMT तक के समाचार
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गिरिजा व्यास पीड़ित महिला से मिलीं
मुस्लिम महिलाएँ
देवबंद के दारुल उलूम के फ़तवे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने गुरुवार को मुज़फ़्फ़रनगर में ससुर द्वारा कथित रुप से बलात्कार की शिकार मुस्लिम महिला से मुलाक़ात की.

इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा है कि मीडिया सहित सभी को इस मामले को मानवीय दृष्टि से देखना चाहिए.

उन्होंने कहा है कि बलात्कार की शिकार महिला ने अनुरोध किया है कि उन्हें बार-बार चौराहे पर खड़ा नहीं किया जाना चाहिए.

इस बीच उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के अलावा सभी राजनीतिक दलों ने पीड़ित महिला को राहत देने की माँग की है.

गिरिजा व्यास का दौरा

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मीडिया में ख़बरें आने के बाद इस मामले का नोटिस लेते हुए कार्रवाई करने की पहल की थी.

महिला आयोग ने इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की रिपोर्ट दर्ज करने को कहा था.

गुरुवार को आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने मुज़फ़्फ़रनगर जाकर पीड़ित महिला से बात की है.

इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला ने उनसे तीन बातें कही हैं.

गिरिजा व्यास के अनुसार, "एक तो यह कि उसे क़ानून पर विश्वास है और उसे लगता है कि उसे न्याय मिलेगा. दूसरा उसे इस्लाम पर भी भरोसा है और तीसरा उसने अनुरोध किया है कि उसे बार-बार चौराहे पर खड़ा न किया जाए."

कथित रुप से बलात्कार की शिकार महिला ने गिरिजा व्यास के साथ बैठकर मीडिया से बात भी की. हालांकि पूरे समय उसने बुरक़ा ओढ़ रखा था.

मुलायम मौलवियों के साथ

उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया है.

बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी के अनुसार मुलायम सिंह यादव ने पत्रकारों से कहा कि मुस्लिम धार्मिक नेता बुद्धिमान लोग हैं और उन्होंने जो निर्णय लिया है वह सोच समझकर लिया होगा.

उल्लेखनीय है कि मौलवियों की ओर से इस मामले में एक फ़तवा जारी करके कहा गया है कि पीड़ित महिला अब अपने पति के साथ नहीं रह सकती.

सीपीएम का विरोध

सीपीएम की उत्तर प्रदेश इकाई ने इस मामले में कड़ा रूख़ अपनाते हुए कहा है कि पीड़ित महिला को न्याय मिलना चाहिए और दोषी को सज़ा मिलनी चाहिए.

सीपीएम ने एक प्रस्ताव पारित करके कहा है कि इसके लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ में परिवर्तन करना चाहिए.

पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि पीड़ित महिला को न्याय मिलना चाहिए और यदि मानवाधिकार का मामला है तो देश के क़ानून को पर्सनल लॉ से ऊपर रखा जाना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी पहले ही मुस्लिम पर्सनल क़ानूनों में सुधार की मांग कर चुकी है.

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