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महिलाओं पर आधारित नया रेडियो कार्यक्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ट्रस्ट ने अपना नया रेडियो कार्यक्रम 'आँगन के पार' शुरू किया है. बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ट्रस्ट के इस नए साप्ताहिक कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संबंधी मसलों पर ज़ोर दिया जाएगा. एचआईवी और एड्स से बचाव के संदेश इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा होंगे. इस मौके पर भारत में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ट्रस्ट के निदेशक एंड्रयू व्हाइटहेड ने कहा कि यह रेडियो कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए है. व्हाइटहेड ने कहा कि इस रेडियो कार्यक्रम में स्वास्थ्य और सामाजिक मसलों पर जानकारी दी जाएगी. मंच यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं की आवाज़ के लिए एक मंच होगा. इस साप्ताहिक कार्यक्रम की ख़ासियत यह है कि बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ट्रस्ट ने 12 श्रमिक महिलाओं को रिपोर्टर और सहयोगी के रूप में प्रशिक्षित किया है. उनकी कहानियां और आवाज़ 'आँगन के पार' कार्यक्रम में शामिल होंगी. रेडियो कार्यक्रम की प्रोजेक्ट मैनेजर लुबना ख़ान ने कहा कि कार्यक्रम की सामग्री दर्शकों के बीच किए गए शोध के बाद तैयार की गई है. 'आँगन के पार' छह अक्तूबर से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में आकाशवाणी के 22 केंद्रों से सुना जा सकेगा. यह कार्यक्रम अगले छह माह तक हर शुक्रवार को प्रसारित होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें बीबीसी पत्रिका का विस्तार18 सितंबर, 2006 | पत्रिका बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की पत्रिका07 सितंबर, 2006 | पत्रिका बीबीसी पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी सम्मानित19 जून, 2006 | पत्रिका बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के श्रोताओं की संख्या बढ़ी15 मई, 2006 | पत्रिका बीबीसी हिंदी डॉट कॉम सम्मानित08 मई, 2006 | पहला पन्ना साइबर अपराधियों ने डाला बीबीसी का चारा01 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना बीबीसी पर श्वेत पत्र जारी14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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