|
बीबीसी पर श्वेत पत्र जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन सरकार ने भविष्य में बीबीसी के कामकाज के बारे में श्वेत पत्र जारी किया है. इस श्वेत पत्र में भविष्य में बीबीसी के कामकाज, उसकी भूमिका और ढाँचे के बारे में जानकारी दी गई है. ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि बीबीसी को मनोरंजन को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देनी होगी. लेकिन साथ ही सरकार ने कहा कि इसका मतलब ये नहीं कि बीबीसी सिर्फ़ लोकप्रियता बढ़ाने की होड़ में लग जाए या दूसरे टीवी चैनलों के कार्यक्रमों की नकल करे. ब्रिटेन की प्रसारण मंत्री टेसा जाउल ने संसद में कहा कि हर टेलीवीज़न पर लाइसेंस फ़ीस के ज़रिए बीबीसी को सार्वजनिक धनराशि मिलती रहेगी. श्वेत पत्र में कहा गया है कि अगले दस सालों तक लाइसेंस फ़ीस जारी रहेगी लेकिन बीबीसी के शासन में बदलाव होगा. प्रसारण मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जो बोर्ड ऑफ़ गवर्नरज़ हैं उसकी जगह एक ट्रस्ट काम करेगा. मंत्री ने कहा कि ये ट्रस्ट दर्शकों और श्रोताओं के प्रति ज़्यादा जवाबदेह होगा. बीबीसी के तीन मुख्य उद्देश्यों- जानकारी देना, शिक्षित करना और मनोरंजन करने के अलावा सरकार ने बीबीसी के लिए छह नए उद्देश्य तय किए हैं. इसमें सभ्य समाज बनाना, शिक्षा को बढ़ावा देना, सृजनशीलता को बढ़ावा देना और ब्रिटेन में विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देना शामिल है. इसके अलावा ब्रिटेन तक दुनिया की गतिविधियाँ पहुँचाना और दुनिया तक ब्रिटेन की गतिविधियाँ पहुँचाने का मकसद भी शामिल है. श्वेत पत्र में कहा गया है कि लाइसेंस फ़ीस पर अगले दशक में फिर विचार होगा. ब्रिटेन के मुख्य विपक्षी दल कॉनज़रवेटिव पार्टी ने बीबीसी ट्रस्ट को नए भेष में पुरानी प्रणाली बताया है. | इससे जुड़ी ख़बरें बीबीसी वर्ल्ड सर्विस लाएगी अरबी चैनल25 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में बड़े परिवर्तन25 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की दुनिया20 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना गिलिगन ने ग़लती मानी17 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||