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मंगलवार, 20 सितंबर, 2005 को 13:38 GMT तक के समाचार
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बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की दुनिया
नाइजल चैपमैन
ताक़त की अवधारणा के बारे में सवाल उठाने का समय आ गया है
बीबीसी के विशेष कार्यक्रम कौन चलाता है आपकी दुनिया के तहत बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रमुख नाइजल चैपमैन ने बताया कि ये कार्यक्रम क्यों बनाया गया है. उनके साथ बातचीत के मुख्य अंश.

प्रश्न-बीबीसी ने इन ख़ास कार्यक्रमों यानी कौन चलाता है आपकी दुनिया शुरु करने का फैसला क्यों किया.
नाइजल- मुझे लगता है कि ताक़त या सत्ता इसके बारे में कुछ बड़े सवाल पूछने का समय आ गया है. किसके पास है असली ताक़त. कौन चाहता है ताक़त. कैसे उसका इस्तेमाल होता है. कैसे शक्ति का संतुलन बना हुआ है और कैसे बदलता है. परिवार, समुदाय कौन महत्वपूर्ण है. मुझे लगता है कि कई अच्छे कार्यक्रम बन सकेंगे.

प्रश्न- हम बड़े संस्थानों की बात कर रहे हैं और परिवार जैसी छोटी संस्था में ताक़त को भी देख रहे हैं तो क्या हम बड़े यानी शक्तिशाली लोगों की भी आवाज़ उनके साथ जिनके पास कोई ताक़त नहीं है.
नाइजल- बिल्कुल. यह वर्ल्ड सर्विस के लिए महत्वपूर्ण है कि एक ऐसे सेतु का काम करे जो शक्तिशाली और कमज़ोर लोगों के बीच कड़ी का काम कर सके. उनके विचार, उनकी बातें. बहस के ज़रिए. कहानी के ज़रिए, तस्वीरों के ज़रिए हम उनकी बात सभी के सामने रखने की कोशिश करेंगे.

प्रश्न- तो क्या इसमें श्रोताओं और ऑनलाइन पर आने वालों की भागेदारी होगी.
नाइजल- देखिए रेडियो प्रसारण या ऑनलाइन पर वन वे ट्रैफिक तो रह नहीं गया है. इंटरनेट ने पूरी दुनिया बदल दी है और अब अलग अलग धर्मों, विचारों और समुदायों के लोग एक दूसरे से बात कर रहे हैं और वो अपनी बात कहना चाहते हैं. राजनीतिक सत्ता या ताक़त इसका एक हिस्सा हो सकती है. जवाबदेही और महत्वपूर्ण होती जा रही है आज की दुनिया में.

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