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इसी महीने शांति वार्ता की संभावना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका से आ रही ख़बरों के अनुसार इस महीने के अंत तक सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच बातचीत होने की संभावना है. एलटीटीई के एक प्रवक्ता ने बताया है कि बातचीत बिना शर्त हो सकती है. उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होगी. नॉर्वे श्रीलंका सरकार और एलटीटीई के बीच शांति वार्ता फिर से शुरू कराने की कोशिश में लगा हुआ है. नॉर्वे के शांति दूत जॉन हान्सेन बॉवर ने मंगलवार को एलटीटीई के नेताओं से मुलाक़ात की. सोमवार को उन्होंने सरकारी प्रतिनिधियों से बातचीत की थी. बातचीत का मक़सद दिसंबर से चल रहे संघर्ष को ख़त्म करना है. दिसंबर से अभी तक सरकारी सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष में 1500 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. संघर्ष इस बीच बातचीत की कोशिशों के बीच संघर्ष भी जारी है. उत्तरी वावूनिया ज़िले में एलटीटीई विद्रोहियों ने एक पुलिस कैंप पर हमला किया. संघर्ष के दौरान एक विद्रोही के मारे जाने की ख़बर है. वर्ष 2002 में सरकार और एलटीटीई के बीच हुए संघर्षविराम में नॉर्वे की अहम भूमिका थी. लेकिन ये संघर्षविराम समझौता टूट गया और हाल के महीनों में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष तेज़ हुआ है. नई कोशिशों के तहत नॉर्वे के दूत जॉन हान्सेन बॉवर शीर्ष शांति वार्ताकार से मिले और मंगलवार को वे तमिल विद्रोहियों के नेताओं से मुलाक़ात की. जानकारों के मुताबिक़ कुछ दिनों में नॉर्वे के एक अन्य दूत इरिक सोल्हेम भी श्रीलंका आने वाले हैं. जो कोशिश करेंगे कि ओस्लो में दोबारा शांति वार्ता शुरू हो सके. | इससे जुड़ी ख़बरें 'श्रीलंका में संघर्ष से पुनर्निमाण रुका'29 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'प्रभाकरण शांतिवार्ता के लिए प्रतिबद्ध'27 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में 70 तमिल विद्रोही मारे गए'25 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई हमले में चार जवान मारे गए 19 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में ग्यारह मुसलमानों की हत्या18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार का सहमति से इनकार12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में दोनों पक्ष वार्ता के लिए राज़ी'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई को पीछे धकेलने का दावा11 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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