|
एलटीटीई को पीछे धकेलने का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंक के उत्तरी जाफ़ना प्रायद्वीप में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है. सेना ने तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई के नियंत्रण वाले में इलाक़े में दाखिल होने का दावा किया है. श्रीलंका की सेना ने कहा है कि उसके जवान उत्तरी जाफ़ना में एलटीटीई के इलाक़े में एक किलोमीटर अंदर तक प्रवेश कर गए हैं और विद्रोहियों की अग्रिम चौकियों पर क़ब्जा कर लिया है. इस लड़ाई में अब तक 33 सैनिक मारे गए हैं. जाफ़ना के मुहामलाई चौकी से आगे विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में सेना अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. सेना के मुताबिक पिछले पाँच दिनों से चल रही इस लड़ाई में 100 से अधिक तमिल विद्रोही भी मारे गए हैं. दूसरी ओर तमिल विद्रोहियों की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि लड़ाई में सेना को भारी नुकसान पहुँचा है. युद्धविराम सेना और एलटीटीई के बीच वर्ष 2002 से लागू युद्धविराम के बावजूद पिछले कुछ महीनों से दोनों पक्षों के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष हुए हैं. इससे पहले सेना और विद्रोहियों के बीच सामपुर में भीषण लड़ाई हुई थी. सेना का दावा है कि सामरिक रुप से महत्वपूर्ण इस इलाक़े के 75 फ़ीसदी हिस्से पर कब्जा कर लिया है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ताज़ा संघर्ष के कारण पूर्वोत्तर श्रीलंका में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. पिछले दिनों युद्धविराम की निगरानी करने वाले पर्यवेक्षकों ने एक चैरिटी संस्था के कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए सेना को ज़िम्मेदार ठहराया था और युद्धविराम समझौता टूटने की चेतावनी दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में लड़ाई तेज़, 28 जवान मारे गए10 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सामपुर पर पकड़ मज़बूत करने का दावा05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को मदद रोकने की चेतावनी31 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के ख़िलाफ़ ताज़ा सैनिक कार्रवाई28 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस विदेशियों को जाफ़ना से निकाला गया26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हफ़्तों बाद राहत सामग्री जाफ़ना पहुँची25 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||