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'श्रीलंका में संघर्ष से पुनर्निमाण रुका' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष दूत का कहना है कि श्रीलंका में सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष के कारण सूनामी पुनर्निर्माण का काम रुक गया है. संयुक्त राष्ट्र के दूत एरिक श्वार्ट्स का कहना है कि देश के उत्तर और पूर्व में तो पुनर्निर्माण का कार्य बिलकुल रुक ही गया है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 दिसंबर में आए सूनामी ने श्रीलंका में भी भारी तबाही मचाई थी और वहाँ पुनर्निर्माण के कार्य के लिए कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ काम कर रही थीं. लेकिन पिछले दिनों से सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच बढ़ी हिंसा के कारण सारे कार्य रुक गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के दूत ने दोनों पक्षों से शांति की अपील करते हुए कहा है कि हिंसा के चलते पुनर्निर्माण कार्यों में हो रहा निवेश ख़तरे में पड़ गया है. एरिक श्वार्ट्स ने कहा है कि इससे हज़ारों लोगों के लिए भोजन और राहत सामग्री पहुँचनी बंद हो गई है और वे ख़तरे में हैं. इस बीच गुरुवार को संघर्ष विराम की निगरानीकर्ताओं ने कहा है कि दोनों ही पक्षों ने चार साल पहले हुए संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें असफल रहा सूनामी चेतावनी केंद्र ?19 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना विदेशियों को जाफ़ना से निकाला गया26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस इंडोनेशिया सूनामी में 200 से अधिक मौतें17 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना एशिया में सूनामी चेतावनी प्रणाली28 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'सूनामी प्रभावितों को अपर्याप्त सहायता'01 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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