|
इंडोनेशिया सूनामी में 200 से अधिक मौतें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया में भूकंप के कारण सूनामी लहरों ने फिर तबाही मचाई है जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़ कर 245 हो गई है. राहत एजेंसियों का कहना है कि सबसे अधिक प्रभावित पांगनदरन इलाक़े में अभी डेढ़ सौ लोग लापता हैं. सोमवार को इंडोनेशिया के जावा प्रांत में ज़बरदस्त भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई. मारे गए लोगों की निश्चित संख्या के बारे में रिपोर्टे स्पष्ट नहीं है लेकिन कई अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या 245 से अधिक है. कुछ अधिकारी मृतक संख्या 300 तक भी बता रहे हैं. इसके बात समुद्र में सूनामी लहरें भी उठीं जावा के तटीय इलाकों में तबाही मचा गईं. भूकंप के कारण समुद्र में दो मीटर की ऊँचाई तक सूनामी लहरें उठीं. क़रीब एक मिनट से भी ज़्यादा समय तक भूकंप के झटके महसूस किए गए. सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि अब इस इलाक़े में फिलहाल कोई और सूनामी नहीं आने वाला है. ऐसी अफवाहें थी कि जावा में फिर सूनामी लहरें उठने वाली हैं जिसके बाद लोग अपने घरों से निकल कर भागने लगे थे. जावा की इस घटना के बाद भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इसके अलावा गृह मंत्रालय का नियंत्रण कक्ष सूनामी पर नज़र रखे हुए है. उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर 2004 को आई सूनामी लहरों से भारत समेत 13 देशों में दो लाख से ज़्यादा लोग मारे गए थे. भारत में इसके कारण 10 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई थी. अफ़रातफ़री एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक़ सूनामी लहरों को देखकर इलाक़े के लोगों में अफ़रातफ़री मच गई थी.
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक़ पंगन्दरान शहर में कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. तटीय इलाक़े में स्थित कई होटलों को भी नुक़सान पहुँचा है. इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और लोग घबरा कर अपने-अपने घरों से निकल गए. क़रीब दो महीने पहले ही इंडोनेशिया के शहर योग्यकर्ता में भूकंप आया था जिसमें कम से कम छह हज़ार लोग मारे गए थे. जबकि वर्ष 2004 के दिसंबर में भूकंप के कारण हिंद महासागर में उठी सूनामी लहरों ने दो लाख से भी ज़्यादा लोगों की जान ले ली थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कुछ इलाक़ों में सहायता पहुँचने में मुश्किलें31 मई, 2006 | पहला पन्ना भूकंप पीड़ितों तक सहायता पहुँचनी शुरु30 मई, 2006 | पहला पन्ना राहत कार्य बड़ी चुनौती-संयुक्त राष्ट्र29 मई, 2006 | पहला पन्ना बारिश ने बढ़ाई भूकंप पीड़ितों की दिक्कतें29 मई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||