|
'श्रीलंका में दोनों पक्ष वार्ता के लिए राज़ी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई आपस में बातचीत के लिए राज़ी हो गए हैं. श्रीलंका को सबसे ज़्यादा सहायता उपलब्ध कराने वाले इस अंतरराष्ट्रीय समुदाय का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच अक्टूबर महीने की किसी तारीख पर बातचीत शुरू हो सकती है. ब्रूसेल में हो रही एक बैठक में नॉर्वे, जापान, यूरोपीय संघ और अमरीका की ओर से संयुक्त रूप से यह बात कही गई है. बीबीसी से बात करते हुए नॉर्वे के विकास सहायता मंत्री एरिक सोल्हेम ने बताया कि दोनों ही पक्ष बातचीत के लिए राज़ी हैं और यह बातचीत नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होगी. उन्होंने बताया कि दोनों ही पक्ष बिना किसी पूर्व निर्धारित स्थिति या शर्त के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. जारी बयान में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्षों को तत्काल संघर्ष रोक देनी चाहिए. कोलंबो में बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इस बयान को दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम की कोशिशों की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. संघर्ष ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे गए हैं और दो लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. हालांकि सेना और एलटीटीई के बीच वर्ष 2002 से युद्धविराम लागू हो गया था लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से दोनों पक्षों के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष हुए हैं. इससे पहले सेना और विद्रोहियों के बीच सामपुर में भीषण लड़ाई हुई थी. सेना का दावा है कि सामरिक रुप से महत्वपूर्ण इस इलाक़े के 75 फ़ीसदी हिस्से पर कब्जा कर लिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें राष्ट्रकुल देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक12 सितंबर, 2006 | कारोबार एलटीटीई को पीछे धकेलने का दावा11 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में लड़ाई तेज़, 28 जवान मारे गए10 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सामपुर पर पकड़ मज़बूत करने का दावा05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को मदद रोकने की चेतावनी31 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सेना पर 'हत्या' का आरोप30 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस विदेशियों को जाफ़ना से निकाला गया26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हफ़्तों बाद राहत सामग्री जाफ़ना पहुँची25 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||