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एलटीटीई हमले में चार जवान मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के उत्तरी जाफ़ना में तमिल विद्रोहियों ने सेना के काफिले पर हमला किया है जिसमें चार जवानों की मौत हो गई. जिस समय हमला हुआ उस समय सेना के जवान पत्रकारों को सुरक्षा कवच देकर इलाक़े से बाहर ले जा रहे थे. हालाँकि इस हमले में कोई भी पत्रकार घायल नहीं हुआ है. तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई ने बीबीसी को बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि सेना के साथ पत्रकार भी यात्रा कर रहे हैं. सेना के जवानों के साथ गई पत्रकारों की टीम, जिसमें बीबीसी संवाददाता डुमीथा लुथरा भी शामिल थीं, अग्रिम मोर्चों का मुआयना कर रही थी तभी मोर्टार से हमला किया गया. इसके बाद सेना तुरंत पत्रकारों को पलाली के सैनिक कैंप में ले गई. सेना और विद्रोहियों के बीच जाफ़ना में एक दूसरे के इलाक़ों में नियंत्रण बढ़ाने के लिए लड़ाई चल रही है. सेना का दावा है कि वो एलटीटीई के गढ़ माने जाने वाले महुमलाई में काफी अंदर तक घुस गई है. सेना और एलटीटीई के बीच 2002 में युद्धविराम समझौता हुआ था लेकिन इस वर्ष जुलाई से ही दोनों पक्षों के बीच संघर्ष तेज़ हो गया. हालाँकि युद्धविराम समझौता अभी भी लागू है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में ग्यारह मुसलमानों की हत्या18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में दोनों पक्ष वार्ता के लिए राज़ी'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस राष्ट्रकुल देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक12 सितंबर, 2006 | कारोबार एलटीटीई को पीछे धकेलने का दावा11 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में लड़ाई तेज़, 28 जवान मारे गए10 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सामपुर पर पकड़ मज़बूत करने का दावा05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'सामपुर पर श्रीलंका सेना का नियंत्रण'04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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