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तूफ़ान के बाद दो हज़ार लोग लापता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान के बाद बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि अब भी लगभग दो हज़ार लोग लापता हैं. इस तूफ़ान के दौरान अनेक नौकाएँ उलट गईं और प्रशासन की ओर से बड़ा बचाव अभियान चलाया गया. लेकिन इसके बावजूद मछली पकड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पाँच सौ नौकाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं. बांग्लादेश की नौसेना अब भी समुद्र के तट के पास गश्त लगाने वाले दल के कमांडर को ढ़ूँढ रही है. उनकी नौका भी इस तूफ़ान के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी और उनका अब तक कुछ पता नहीं चला है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हो सकता है कि कई मछुआरों को दूरदराज़ के टापुओं में शरण मिली हो लेकिन उन मछुआरों के पास ऐसे रेडियो यंत्र नहीं हैं जिनसे वे संपर्क कायम कर सकें. बांग्लादेश के कोस्ट गार्ड का कहना है कि अब मौसम बेहतर हो गया है और वे दूरदराज़ के इलाक़ों में पहुँच सकते हैं. इसी तूफ़ान के कारण भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल में कम से कम 63 लोग मारे गए और अनेक लापता हो गए. | इससे जुड़ी ख़बरें तमिलनाडु में समुद्री तूफ़ान की आशंका19 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तूफ़ान टला, भारी बारिश की आशंका10 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस गुजरात में भारी बारिश से 15 की मौत24 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आँध्र में हालात अब भी ख़राब23 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में एक हज़ार मछुआरे लापता20 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आंध्र में बारिश और बाढ़ का क़हर20 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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