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बांग्लादेश में एक हज़ार मछुआरे लापता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश के तटवर्ती इलाक़ों में भीषण तूफ़ान के कारण लगभग एक हज़ार मछुआरे लापता है और 15 की मृत्यु हो जाने की पुष्टि हुई है. बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान से भारत के उड़ीसा और आंध्र प्रदेश राज्य भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार बांग्लादेश में तूफ़ान से भारी वर्षा हुई है और समुद्र का जल-स्तर तटवर्ती इलाक़ो में दस मीटर तक बढ़ा है. बांग्लादेश में नौका मालिकों के संगठन ग़ुलाम मुस्तफ़ा ने कहा है कि केवल 150 मछुआरों को ही बचाया जा सका है. मौसम विभाग के लोगों का कहना है कि अगले कुछ दिन तक समुद्र में ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है. उड़ीसा, आंध्र भी प्रभावित भारत के उड़ीसा और आंध्र प्रदेश राज्य भी बंगाल की खाड़ी में आए इस तूफ़ान की चपेट में आ गए हैं और हज़ारों हैक्टेयर उपजाऊ भूमि तबाह हो गई है. उड़ीसा में 11 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और 13 लोग लापता है. उड़ीसा के राजस्व मंत्री मनमोहन सामल ने बीबीसी को बताया कि धान की 25 हज़ार हैक्टेयर की खेती तबाह हो गई है. उधर आँध्र प्रदेश के छह ज़िलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण छह लोगों की मृत्यु हो गई है. |
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