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गुजरात में भारी बारिश से 15 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के अनेक हिस्सों में भारी बारिश के बाद सरकार ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि पिछले 48 घंटों में भारी बारिश से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है. ग़ौरतलब है कि गुजरात के 25 में से 22 ज़िलों में भारी बारिश हुई है. गुजरात सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के बावजूद काम पर आने को कहा है ताकि किसी भी संकट की स्थिति से निपटा जा सके. अधिकारियों का कहना है कि पंचमहल और भावनगर ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं. इन दोनों ज़िलों के एक हज़ार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि वडोदरा ज़िले में विश्वामित्री नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक सौराष्ट्र और कच्छ के इलाक़ों में भारी बारिश हो सकती है. इस साल जुलाई में आई बाढ़ से वडोदरा ज़िला सबसे अधिक प्रभावित हुआ था. इस दौरान आई बाढ़ के कारण 200 लोगों की जानें गईं थीं. दक्षिण भी प्रभावित इधर पिछले कुछ दिनों में भारत के दक्षिणी हिस्से आंध्र प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई थी.
इस बारिश और बाढ़ की वजह से लगभग पौने तीन लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फ़सलों को भी ज़बर्दस्त नुक़सान हुआ है. वैसे मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार वहाँ स्थिति बेहतर हो रही है. बीबीसी संवाददाता के अनुसार आंध्र प्रदेश के 10 ज़िलों में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया था. अनेक स्थानों पर रेल पटरियाँ पानी में डूब जाने के कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था. |
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