BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 16 सितंबर, 2006 को 18:40 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
भारत-पाक शांति वार्ता फिर शुरू होगी
परवेज़ मुशर्रफ़ और मनमोहन सिंह की हवाना में मुलाक़ात
मुलाक़ात सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बताई गई
भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ जुलाई में स्थगित हो गई शांति वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमत हुए हैं.

दोनों नेताओं ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सम्मेलन के मौक़े पर शनिवार को हवाना में लगभग एक घंटे तक मुलाक़ात की है.

हवाना में मौजूद बीबीसी संवाददाता शाहज़ेब जीलानी का कहना है कि यह मुलाक़ात काफ़ी सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बताई गई है.

बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के विदेश सचिव स्तर की बातचीत जल्दी ही शुरू की जाएगी और बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसे संकेत मिले हैं कि यह बातचीत एक महीने के अंदर नई दिल्ली में हो सकती है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त वक्तव्य पढ़ते हुए कहा, "यह सहमति हुई है कि शांति प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए... हमने अपने विदेश मंत्रियों को हिदायत दी है कि सीधी बातचीत फिर से शुरू की जाए."

उन्होंने कहा, "शांति प्रक्रिया की सफलता दोनों देशों और पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए बेहद अहम है."

बातचीत जारी रहे
 यह सहमति हुई है कि शांति प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए... हमने अपने विदेश मंत्रियों को हिदायत दी है कि सीधी बातचीत फिर से शुरू की जाए.
मनमोहन सिंह

जब मनमोहन सिंह यह संयुक्त वक्तव्य पत्रकारों के सामने पढ़कर सुना रहे थे तो पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ भी उनके साथ खड़े थे.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने का न्यौता दिया है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है.

प्रधानमंत्री ने न्यौता स्वीकार करते हुए कहा, "मैं अपनी पाकिस्तान यात्रा के लिए आशान्वित हूँ कि उसका कोई ठोस नतीजा निकलेगा."

इस यात्रा की तारीख़ बाद में राजनयिक चैनलों के ज़रिए तय की जाएगी.

'कैमिस्ट्री'

परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं बहुत ख़ुश हूँ, यह बहुत अच्छा हुआ है. हमने दोनों देशों के बीच संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बेबाक और खुली बातचीत की है."

बेबाक बातचीत...
 मैं बहुत ख़ुश हूँ, यह बहुत अच्छा हुआ है. हमने दोनों देशों के बीच संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बेबाक और खुली बातचीत की है.
परवेज़ मुशर्रफ़

उन्होंने कहा, "यह सहमति हुई कि शांति प्रक्रिया ज़रूर जारी रहनी चाहिए और दोनों पक्ष उसका सम्मान करें."

इस संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने कहा है, "हम किसी भी तरह के आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं."

मनमोहन सिंह और परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच इससे पहले भी कई बार मुलाक़ात हो चुकी है और दोनों नेताओं के बीच काफ़ी अच्छा तालमेल और सौहार्द देखा गया है.

ग़ौरतलब है कि मुंबई में 11 जुलाई को सिलसिलेवार बम धमाके होने के बाद भारत ने शांति वार्ता स्थगित करने की घोषणा कर दी थी.

गुट निरपेक्ष देशों का यह 14वाँ सम्मेलन क्यूबा की राजधानी हवाना में हो रहा है और इसी मौक़े पर अलग से समय निकालकर दोनों नेताओं ने मुलाक़ात की.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इससे पहले सम्मेलन में दिए भाषण में सीधे तौर पर पाकिस्तान का कोई ज़िक्र नहीं किया थे लेकिन परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि उनका देश भारत के साथ तमाम विवादों को हल करना चाहता है जिसमें जम्मू कश्मीर का विवाद भी शामिल है.

इससे जुड़ी ख़बरें
'भारत-पाक इस मौक़े का फ़ायदा उठाएँ'
16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
कश्मीर पर बात ज़रूरी:कसूरी
16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>