|
मालेगाँव में शांति, कर्फ़्यू हटा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र के नासिक ज़िले का मालेगाँव बम धमाकों के बाद सामान्य होता जा रहा और वहाँ से कर्फ़्यू हटा लिया गया है. लेकिन वहाँ स्थिति तनावपूर्ण है और बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं. ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को हुए इन धमाकों में कम से कम 37 लोग मारे गए थे और लगभग 125 लोग घायल हो गए थे. इनमें से कई की हालत गंभीर है. हालांकि महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक पीएस पसरीचा ने घटना के एक दिन बाद शनिवार को बताया कि मृतकों की संख्या 32 ही है. इधर मालेगाँव में राजनेताओं के दौरे शुरू हो गए हैं. वहाँ पहुँचनेवालों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सबसे आगे रहीं. उन्होंने मालेगाँव का दौरा किया और घायलों की जानकारी ली. उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल भी थे. हालांकि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय के प्रभारी आरआर पाटिल ने शुक्रवार रात को मालेगाँव का दौरा किया था. 'सुराग नहीं' उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद से बातचीत में कहा कि इन धमाकों के पीछे कौन है, इसका सुराग अभी नहीं लग पाया है. उनका कहना था कि इन धमाकों का मक़सद हिंदू और मुसलमानों के बीच तनाव पैदा करना था. आरआर पाटिल का कहना था कि विशेष जाँच दल इन धमाकों की जाँच कर रहा है. इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्कता बढ़ाने का आदेश दिया है. मालेगांव में पिछले कई वर्षों में सांप्रदायिक हिंसा हुई है. ये धमाके भी उस समय हुए जब बहुत से मुसलमान जुमे की नमाज़ के लिए इकट्ठा हुए थे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृह मंत्री शिवराज पाटिल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने इस घटना की निंदा करते हुए, लोगों से संयम बरतने और शांति और सांप्रदायिक सदभाव बनाए रखने की अपील की है. धमाका मालेगाँव का मुशावरत चौक मुस्लिम बहुल इलाक़ा है और शुक्रवार को लोग नमाज़ अदा करने के लिए वहाँ बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे. उस दौरान वहाँ धमाका हुआ था. इसके अलावा दो अन्य धमाके हुए थे.
पुलिस महानिदेशक पसरीचा ने कहा कि पूरे राज्य में पुलिस को सतर्क कर दिया गया है और केंद्रीय सुरक्षाबलों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात करने के आदेश दिए गए हैं. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि सीआरपीएफ की 24 कंपनियाँ यानि लगभग तीन हज़ार जवान महाराष्ट्र रवाना कर दिए गए थे. ग़ौरतलब है कि जुलाई में मुंबई की लोकल ट्रेनों में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिनमें 182 लोगों की मौत हो गई थी. |
इससे जुड़ी ख़बरें मालेगाँव में धमाकों के बाद कई जगह कर्फ़्यू, तनाव08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मालेगाँव में तीन धमाके, 32 की मौत08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अनेक नेताओं ने धमाकों की निंदा की08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मालेगाँव की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है'08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लोगों से संयम बरतने की अपील08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मालेगाँव में धमाकेभारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||