|
'मिसाइल ख़रीदने में गिरफ़्तारियाँ' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने श्रीलंका के तमिल विद्रोहियों के लिए ज़मीन से हवा में मार करनेवाले मिसाइलें और राइफ़ल ख़रीदने के संदेह में अपने देश में कुछ गिरफ़्तारियाँ की हैं. इनमें से कुछ लोगों पर अमरीकी अधिकारियों को तमिल विद्रोहियों को 'अमरीका की आतंकवादी संगठनों की सूची' से हटाने के लिए रिश्वत की पेशकश करने का भी आरोप है. ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने भी इसी वर्ष मई में एलटीटीई को 'आतंकवादी संगठनों' की सूची में डाल दिया था. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि एक देश व्यापी स्टिंग ऑपरेशन के बाद ये गिरफ़्तारियाँ की गईं. पुलिस का कहना है कि आरोपों के घेरे कुछ स्वंयसेवी संगठन भी हैं जो विद्रोहियों के प्रति सहानुभूति रखनेवाले हैं और उनके लिए धन एकत्रित करते थे. ग़ौरतलब है कि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच उत्तरी और पूर्वी हिस्से में संघर्ष छिड़ा हुआ है. पिछले साल दिसंबर से सरकार और विद्रोहियों के बीच संघर्ष में तेज़ी आई है और लगभग 1500 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं. हालांकि दोनों पक्ष युद्धविराम की समाप्ति से इनकार करते है. श्रीलंका सरकार और एलटीटीई के बीच वर्ष 2002 में संघर्षविराम घोषित हुआ था. सन् 1972 से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक लगभग 60 हज़ार लोगों की जानें जा चुकी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'यूरोपीय संघ के रूख़ से नाराज़ एलटीटीई'20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सेना और एलटीटीई में संघर्ष जारी20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सेना की जाफ़ना क्षेत्र पर बमबारी19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हज़ारों लोग राहत सामग्री के मोहताज18 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका के जाफ़ना में भीषण लड़ाई16 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सेना और एलटीटीई के बीच संघर्ष जारी15 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस शांति वार्ता की पेशकश से इनकार13 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||