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लेबनान मुद्दे पर दिल्ली में प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों के ख़िलाफ़ भारत में भी विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं. शुक्रवार को दिल्ली की जामा मस्जिद में नमाज़ अदा करने के बाद दिए भाषण में जामा मस्जिद के इमाम सईद अहमद बुख़ारी ने इसराइल की निंदा की. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "भारत सरकार को इसराइल के ख़िलाफ़ कड़ा बयान जारी करना चाहिए और उसके साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को ख़त्म करना चाहिए." उन्होंने भारत सरकार के इसराइल के प्रति रवैये पर भी निराशा व्यक्त की. इस मौके पर सैंकड़ों मुसलमानों ने इसराइली कार्रवाई के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ नारे भी लगाए. गुरुवार को दिल्ली में वामपंथी नेताओं ने भी इसराइली दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किए थे और मनमोहन सिंह सरकार से माँग की थी कि हमलों के चलते वह इसराइल से हथियारों की ख़रीद बंद करे. उधर हाल में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मध्यपूर्व में सभी पक्षों से युद्धविराम की अपील की थी और लेबनान के लिए दस करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की थी. मगर जामा मस्जिद के इमाम सईद अहमद बुख़ारी का कहना है कि इस समय लेबनान को पैसे की नहीं बल्कि राजनीतिक समर्थन की ज़रूरत है. | इससे जुड़ी ख़बरें लेबनान पर इसराइली हमले गहराए27 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से सैनिक हटाएगा ऑस्ट्रेलिया27 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना चेतावनियाँ नज़रअंदाज़ की गईं26 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में संघर्षविराम पर सहमति नहीं26 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अन्नान का तुरंत युद्धविराम का आग्रह26 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमलों में पर्यवेक्षकों की मौत25 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल शांतिबलों की तैनाती पर सहमत24 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले जारी, सीमा पर जमावड़ा22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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