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जम्मू में पर्यटकों की अभी भी कमी नहीं

तीर्थयात्री
अमरनाथ गुफा को लेकर हुए विवाद के कारण भी पर्यटक जम्मू आए
भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में हुए ग्रेनेड हमलों के बावजूद जम्मू में धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है बल्कि अगर यह संख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है.

जम्मू शहर से 55 किलोमीटर उत्तर की तरफ त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित वैष्णो देवी की गुफा में श्रद्धालुओं की संख्या केवल जुलाई माह तक ही 38 लाख से ऊपर है जो पिछले कई वर्षों के मुक़ाबले रिकार्ड है.

माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के एडिशनल चीफ एक्यूटिव ऑफिसर पुनीत कुमार ने बीबीसी को बताया कि केवल 22 जुलाई तक ही कुल 38 लाख से अधिक श्रद्धालु कटरा से होते हुए 13 किलोमीटर का पैदल रास्ता तय कर पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं.

उनका कहना था " अभी तक के आंकड़े अपनेआप में रिकार्ड हैं.जुलाई माह के ही 22 दिनों की यात्रा को देखा जाए तो ये ही चार लाख से ऊपर है और ये आंकड़े और बढ़ने की उम्मीद है. "

कई कारण

वैष्णो देवी की यात्रा में अधिक बढोत्तरी 1986 में माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की स्थापना के बाद हुई है. इससे पहले इस यात्रा की ज़िम्मेदारी डोगरा महाराजाओं द्वारा धार्मिक स्थानों की देख रेख के लिए स्थापित धार्मिक ट्रस्ट द्वारा की जाती थी.

श्राइन बोर्ड ने यात्रा की जिमेवारी लेने के बाद इसमें कई तरह बदलाव किए जिससे यात्राओं को सुविधा होने लगी. जहां 1986 में सालाना यात्रा केवल 40000 लोगों की थी वहीं पिछले साल 6251998 यात्रियों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए.

इस साल वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का एक और कारण रहा अमरनाथ गुफा में पवित्र हिमलिंग के साथ छेड़छाड़ की ख़बरों का चर्चा में रहना.

नई दिल्ली से हिमलिंग के दर्शनों को आए अभिमन्यु सिन्हा का कहना था, ‘‘मैने जब सुना की अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिमलिंग के साथ छेड़छाड़ हुई तो बहुत बुरा लगा. तभी हमने अमरनाथ के बदले माता वैष्णो देवी जाना बेहतर समझा.’’

वहीं पर्यटन निर्देशक अजय खजुरिया का कहना है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा में निरंतर बढ़ोत्तरी हुई है और अब उनके विभाग की यही कोशिश है कि जम्मू के आसपास बसे और भी धार्मिक या पर्यटन स्थलों की तरफ सैलानियों का ध्यान आकर्षित किया जाए.

खजुरिया ने बताया कि जम्मू से सौ किलोमीटर दूर बसे शिव खोरी गुफा में भी इस वर्ष 120000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं और ये संख्या और भी बढ़ेगी.

खजुरिया कहते हैं कि ‘‘कटरा से शिव खोरी के लिए रास्ते बनाये जाने से माता वैष्णो देवी के दर्शन को आए श्रद्धालुओं को शिव खोरी जाने में सुविधा रहेगी.’’

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