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'नापाक इरादे कभी कामयाब नहीं होंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार की शाम राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कहा है कि आतंक फैलाने वालों को अभी तक यह समझ में नहीं आया है कि हम उनके नापाक इरादों को कभी सफल नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि मुंबई और कश्मीर, दोनों ही जगहों के लोगों ने मंगलवार को हुए आतंकी हमलों को झेला है और ग़म और दर्द की घड़ी में पूरा देश उनके साथ है. उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में मुंबई एक बार फिर एक संयुक्त भारत का चिन्ह बनकर सामने आया है. उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए जो कुछ भी ज़रूरी होगा, वो सब करेगी. प्रधानमंत्री ने राहत कार्यों में लगे लोगों की भी सराहना करते हुए कहा कि जिन लोगों ने हिम्मत और इंसानियत के नाते प्रभावितों की मदद की है, वो सराहना के पात्र हैं. देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि मौत के सौदागरों के बुरे इरादों पर आपके साहस और आत्मविश्वास की जीत अवश्य ही होगी." उन्होंने कहा, "यह पहली बार नहीं हुआ है कि हमारे दुश्मनों ने हमारे देश के अमन, चैन और खुशहाली के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है. ये शरारती लोग अभी तक यह नहीं समझे हैं कि हम हिंदुस्तानी लोग एक हैं और एक बनकर रहेंगे." अफ़सोसजनक टिप्पणी उधर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच विवादों के समाधान पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री की कथित टिप्पणी को अफ़सोसजनक बताया है. एक समाचार एजेंसी को दिए गए अपने साक्षात्कार में पाकिस्तान के विदेश मंत्री कसूरी ने निर्दोषों पर हुए इस आतंकी हमले को भारत और पाकिस्तान के बीच विवादों का तथाकथित रूप से समाधान न हो पाने से जोड़ा था. सरना ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री के इस बयान से लगता है कि पाकिस्तान सीमा पार 'आतंकवाद' और हिंसा पर काबू पाने के लिए भारत को तभी समर्थन देगा जब दोनों देशों के बीच तथाकथित विवादों का समाधान न हो जाए. उन्होंने यह भी कहा कि निर्दोष लोगों की जान लेने के पीछे के किसी भी तर्क को सही नहीं ठहराया जा सकता है और 'आतंकवाद' को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा. राष्ट्र को अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हमलों के बाद बुधवार को कश्मीर और मुंबई में तेज़ी से सामान्य जनजीवन बहाल होने की बात कही और इसके लिए वहाँ के लोगों की सराहना की और कहा कि यह आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी जीत का जीता-जागता सबूत है. उन्होंने कहा कि कोई भी भारत को झुका नहीं सकता है और हमारा देश विकास के रास्ते पर सिर उठाकर और निडर होकर आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि हम आतंक के ख़िलाफ़ जंग जीतकर ही रहेंगे और अपील की कि किसी को भी देश की एकता के बीच दीवार खड़ी करने का मौका न दें. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई में सात धमाके, 170 मौतें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई बम धमाकों की जाँच में 'मामूली बढ़त'12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस दो संगठनों ने निंदा और खंडन किया12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई बम धमाकों की जाँच तेज़12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस धमाके कायरतापूर्ण कोशिश:मनमोहन11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई वासी होने पर गर्व महसूस हुआ...12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस खुफिया तंत्र की विफलता: विशेषज्ञ11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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