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सेक्स स्कैंडल के अभियुक्तों का बहिष्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में वकीलों ने फ़ैसला किया है कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति की तरफ़ से मुक़दमा नहीं लड़ेंगे जिसे सेक्स स्कैंडल में अभियुक्त बनाया गया है. ग़ौरतलब है कि हाल के महीनों में प्रकाश में आए सेक्स स्कैंडल ने राज्य में भूचाल सा ला दिया था और प्रदर्शन भी हुए थे. हालाँकि राज्य के क़ानून मंत्री मुज़फ़्फ़र हुसैन बेग ने वकीलों के इस फ़ैसले की यह कहते हुए आलोचना की है सभी अभियुक्तों को तब तक निर्दोष माना जाना चाहिए जब तक कि उनका दोष अदालत में साबित नहीं हो जाता. कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सेक्स स्कैंडल के अभियुक्तों के मुक़दमे नहीं लड़ने का फ़ैसला किया है जिसके बाद किसी ज़्यादातर अभियुक्तों को कोई वकील नहीं मिल पा रहा है. जून के आरंभ में श्रीनगर के एक वकील ने एक अभियुक्त की तरफ़ से अदालत में पेश होते हुए अपने मुवक्किल की ज़मानत की अर्ज़ी दाख़िल की थी लेकिन उसके बाद से वह वकील फिर से अदालत में पेश नहीं हुआ था. ग़ौरतलब है कि इस मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो कर रहा है और इस जाँच की निगरानी कश्मीर हाईकोर्ट कर रहा है. कश्मीर हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन के फ़ैसले को देखते हुए कहा है कि जिस अभियुक्त को किसी वकील का साथ नहीं मिल पाता है तो वह सहायता के लिए हाईकोर्ट में सीधे संपर्क कर सकता है. क़ानून मंत्री मुज़फ़्फ़र हुसैन बेग ने बार एसोसिएशन के इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह "अनैतिक और ग़ैरइस्लामी" है. कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियाँ अब्दुल क़य्यूम ने क़ानून मंत्री के इस बयान ख़ारिज कर दिया है कि कोई भी अभियुक्त तब तक निर्दोष माना जाना चाहिए जब तक कि किसी अदालत में उसका दोष साबित नहीं हो जाता. 'यौन शोषण का मुद्दा' मियाँ अब्दुल क़य्यूम ने कहा है, "यह सिद्धांत इस मामले में लागू नहीं होता जिसमें 12 साल की एक लड़की को बहका-फुसला कर कुछ व्याभिचारी अधिकारियों और चेतनाहीन नेताओं ने उसका यौन शोषण किया." मियाँ अब्दुल क़य्यूम ने कहा कि उस अल्प आयु लड़की ने कई बार अभियुक्तों की पहचान कर ली है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला दिया है कि यौन शोषण की शिकार किसी लड़की या महिला के बयान को सच समझा जाना चाहिए.
क़य्यूम ने कहा कि चूँकि ख़ुद बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में इस मामले में याचिका दायर की है इसलिए वह इस मामले में कोई पक्ष नहीं बन सकती, "बार एसोसिएशन एक ही मामले में मुद्दई और बचाव पक्ष नहीं बन सकती." उधर क़ानून मंत्री मुज़फ़्फ़र बेग ने कहा है कि वकीलों के इस फ़ैसले का नतीजा ये निकल सकता है कि हो सकता है कि यह मामला सुनवाई के लिए कश्मीर के बाहर ही भेज दिया जाए. लेकिन क़य्यूम ने कहा, "कश्मीरी वकील ऐसे किसी भी डर की वजह से उन लोगों की तरफ़ से मुक़दमा नहीं लड़ेंगे जिन्होंने उनकी बहनों और बेटियों की इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ किया है." कश्मीर सेक्स स्कैंडल गत मई में उस समय प्रकाश में आया जब एक ग़ैर सरकारी संगठन ने एक सीडी पुलिस को सौंपी थी. उस सीडी में स्थानीय अल्प आयु की लड़की की अश्लील तस्वीरें थीं. पुलिस इस स्कैंडल की एक प्रमुख अभियुक्त महिला से पूछताछ कर रही है. केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने इस मामले में अभी तक नौ अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आरोप निर्धारित किए हैं जिनमें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल - सीमा सुरक्षा बल का एक उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के एस पाधी भी शामिल हैं. एक अदालत ने पाधी को सात जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सेक्स स्केंडल' मामले में आरोप तय24 जून, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मंत्री गिरफ़्तार20 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में पहचान परेड का आदेश19 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सेक्स स्कैंडल से नाराज़ हैं लोग..19 मई, 2006 | भारत और पड़ोस कथित स्कैंडल के विरोध में प्रदर्शन06 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सेक्स कांड में फँसी तमिलनाडु की पुलिस06 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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