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श्रीलंकाई राष्ट्रपति का विद्रोहियों पर आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने तमिल विद्रोहियों की आलोचना करते हुए कहा है कि सेना के वरिष्ठ जनरल की हत्या कर वे शांति प्रक्रिया को समाप्त कर देना चाहते हैं. ग़ौरतलब है कि सोमवार को कोलंबो के पास एक आत्मघाती हमले में जनरल करामी कुलथुंगा और तीन सैनिकों की मौत हो गई थी. जनरल करामी कुलथुंगा श्रीलंका सेना तीसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे और श्रीलंका संघर्ष में उनकी भूमिका रही है. हमारे संवाददाता के अनुसार यह हमला सुनियोजित था और इसका उद्देश्य सरकार को यह जताना था कि उसे कभी भी निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि तमिल विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने इस हमले में हाथ होने से इनकार किया है. आरोप राजपक्षे का कहना था कि यह हमला दिखाता है कि तमिल विद्रोहियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति और हिंसा त्यागने की अपील का कोई असर नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया,'' तमिल विद्रोही चरमपंथ हमलों के माध्यम से शांति प्रक्रिया को ख़त्म करना चाहते हैं.'' बीबीसी संवाददाता दुमीता लूथरा का कहना है कि हालांकि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोही दोनों कह रहे हैं कि कि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम अब भी कायम है. लेकिन असलियत यह है कि ये केवल कागज़ों तक ही सीमित है. इस साल की हिंसक घटनाओं में अब तक 700 लोगों की जानें जा चुकी हैं. इससे पहले अप्रैल में श्रीलंका के सेनाध्यक्ष जनरल शरत फोनसेका पर भी जानलेवा हमला किया गया था और वो बाल बाल बचे थे. श्रीलंका सेना ने इसके लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया था और उनके ठिकानों पर हवाई हमला किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें आत्मघाती विस्फोट में जनरल की मौत26 जून, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका समस्या से जुड़े कुछ सवाल15 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई विद्रोहियों ने विरोधियों को मारा'30 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस जापानी दूत की विद्रोहियों से मुलाक़ात09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नॉर्वे शांति दूत का भारत दौरा27 मई, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग फटने से छह की मौत28 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में नौसैनिक अड्डे के बाहर धमाका06 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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