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बारूदी सुरंग फटने से छह की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के उत्तरपूर्व में विलपट्टू राष्ट्रीय उद्यान में बारूदी सुरंग फटने के चलते कम से कम छह श्रीलंकाई पर्यटकों की मौत हो गई है. सेना ने उद्यान में एक जीप के पास से शवों को बरामद किया. ये उद्यान तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़ों के पास है. तमिल विद्रोहियों के साथ संघर्ष के चलते ये उद्यान 17 साल तक बंद रहा था. 2003 में इसे दोबारा खोला गया था. अधिकारियों का कहना है कि बारूदी सुरंग शायद तमिल विद्रोहियों ने बिछाई होगी क्योंकि विद्रोही उद्योग के कुछ हिस्सों में गश्त लगाते हैं. 1983 में श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद से करीब 60 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच चार साल पहले संघर्षविराम पर समझौता हुआ था लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई बार इसका उल्लंघन हुआ है. शनिवार को पर्यटक अपने वाहन पर सवार होकर कुछ हाथियों का पीछा कर रहे थे जब उनका वाहन बारूदी सुरंग के ऊपर से गुज़रा. उद्यान में मौजूद अन्य पर्यटकों ने धमाके की आवाज़ सुनी. पुलिस के मुताबिक तीन धमाके हुए थे. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर प्रसाद ने रॉयटर्स को बताया, "हमें शक है ये काम तमिल विद्रोहियों ने किया है, इस इलाक़े में और कोई सक्रिय नहीं है." घटनास्थल से करीब 65 किलोमीटर की दूरी से तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाला इलाका शुरू हो जाता है. उद्यान के अधिकारियों का मानना है कि बारूदी सुरंग हाल ही में बिछाई गई थी क्योंकि विस्फोट उद्यान की मुख्य सड़क पर हुआ और इस सड़क का काफ़ी इस्तेमाल किया जाता है. विलपट्टू राष्ट्रीय उद्यान 1910 स्कवेयर किलोमीटर इलाक़े में फैला हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें नॉर्वे शांति दूत का भारत दौरा27 मई, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई का नौसैनिक बेड़े पर बड़ा हमला11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई से मतभेद सुलझाना चाहते हैं'09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस जापानी दूत की विद्रोहियों से मुलाक़ात09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में कठिन है शांति की राह12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका समय चक्र - 112 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका समय चक्र - 212 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई विद्रोहियों ने विरोधियों को मारा'30 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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