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रविवार, 25 जून, 2006 को 21:12 GMT तक के समाचार
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'राजनेता सेना की अनदेखी कर रहे हैं'

वीपी मलिक
पूर्व सेनाध्यक्ष ने राजनेताओं की आलोचना की
भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने कहा है कि राजनेता सुरक्षा बलों की अनदेखी कर रहे हैं. जनरल वीपी मलिक ने कहा कि सेना पर सरकार का ही नियंत्रण है और आज वहाँ जो स्थिति है, उसके लिए भी सरकार ही ज़िम्मेदार है.

बीबीसी हिंदी के साप्ताहिक कार्यक्रम 'आपकी बात बीबीसी के साथ' में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने सामाजिक स्तर पर भी सेना की अनदेखी की है.

उन्होंने मांग की कि राजनेता सैनिक अधिकारियों और सेना के कामकाज पर टिप्पणी करते समय संयम बरतें.

जनरल मलिक ने कहा, "एक महिला अधिकारी की मौत के आधार पर सेना पर ऊँगली उठाना ठीक नहीं. इसमें कोई संदेह नहीं कि मामले की जाँच होनी चाहिए. लेकिन देश की सुरक्षा में लगे लोगों के बारे में पहले से ही कोई निष्कर्ष निकाल लेना ठीक नहीं."

सवाल

उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी लोकतंत्र में राजनेताओं ने ऐसा बयान नहीं दिया होता जैसा हमारे राजनेताओं ने महिला अधिकारी की मौत के बाद दिया.

 कितने राजनेता या नौकरशाह अपने बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए भेजते हैं. वे चाहते हैं कि उनके बच्चे ऐसी नौकरी करें, जिसमें पैसा ज़्यादा हो और ख़तरा कम हो
जनरल मलिक

जनरल मलिक ने कहा कि ख़ास तौर पर भारतीय जनता पार्टी नेता सुषमा स्वराज का उप सेनाध्यक्ष को हटाने की मांग करना पूरी तरह ग़लत था.

उन्होंने कहा, "अगर उप सेनाध्यक्ष ने कुछ ग़लत भी कह दिया था तो राजनेताओं को रक्षा मंत्राललय से कहना चाहिए था कि वह उनसे स्पष्टीकरण मांगे. लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए सार्वजनिक रूप से सेना की खिंचाई नहीं करनी चाहिए."

जनरल वीपी मलिक ने कहा कि उन्हें सेना की योग्यता पर कोई संदेह नहीं, आवश्यकता इस बात की है कि उनका मनोबल बढ़ाया जाए.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "कितने राजनेता या नौकरशाह अपने बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए भेजते हैं. वे चाहते हैं कि उनके बच्चे ऐसी नौकरी करें, जिसमें पैसा ज़्यादा हो और ख़तरा कम हो."

जनरल मलिक ने सैनिकों को और सुविधाओं की मांग की

जनरल मलिक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इक्का-दुक्का राजनेताओं को छोड़कर कोई भी सैनिक पृष्ठभूमि का नहीं, जिसे देश की सुरक्षा में लगे जवानों की मुश्किलों का अंदाज़ा है.

सैनिकों के लिए और सुविधाओं की मांग करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार इस बात को सुनिश्चित करे कि सैनिकों को देश में उचित सम्मान मिले. उनकी आर्थिक दशा सुधरनी चाहिए और छुट्टियाँ भी ज़्यादा मिलनी चाहिए. साथ ही उनके परिवार वालों के लिए भी सुविधाएँ बढ़ानी चाहिए."

जनरल मलिक ने कहा कि भारतीय सैनिक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सैनिक हैं और उनका मनोबल भी ऊँचा है. आवश्यकता सिर्फ़ इस बात की है कि उन्हें और सुविधाएँ दी जाएँ.

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