BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 18 अप्रैल, 2006 को 07:31 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
आधुनिकीकरण हो रहा है वायु सेना का

वायु सेना का विमान
वायु सेना के कई पायलट कामकाज की संस्कृति से दुखी हैं
भारतीय वायुसेनाध्यक्ष एस पी त्यागी ने कहा है कि वायु सेना के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना तैयार है और ये कहना ग़लत होगा कि पायलटों में बड़े पैमाने पर असंतोष है.

वायुसेनाध्यक्ष ने माना कि कुछ पायलट नौकरी छोड़ना चाहते हैं लेकिन साथ ही कहा कि यह संख्या मामूली है.

बीबीसी के साथ एक बातचीत में वायुसेनाध्यक्ष ने वायु सेना के आधुनिकीकरण की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर नए विमान और हेलीकॉप्टर वायु सेना में शामिल हो रहे हैं.

उन्होंने कहा," आने वाले दिनों में हमारे पास ब्रिटेन से हॉक विमान (66) आ रहे हैं. इसके साथ ही हवा में ईंधन भरने मे सक्षम छह विमान आएंगे. इतना ही नहीं हमें 80 हेलीकॉप्टर खरीदने की भी अनुमति मिल गई है."

वायुसेनाध्यक्ष ने बताया कि सेना को एवेक्स विमान खरीदने की भी अनुमति मिली है.

उनका कहना था कि अगले एक साल में इन विमानों को सेना के काम में लाने की चुनौती उनके सामने है.

आधुनिकीकरण के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वायुसेनाध्यक्ष का कहना था कि किस तरह की ख़रीदारी ये इस बात पर निर्भर करता है कि ख़तरे क्या हैं. दुश्मन के पास कैसी तकनीक है.

उनका कहना था कि ख़रीदारी के बारे में सरकार उनसे सलाह लेती है और मानती भी है.

पायलटों की कमी

उन्होंने माना कि सेना में पायलटों की कमी है और कुछ पायलट नौकरी छोड़ना चाहते हैं.

वायुसेनाध्यक्ष ने कहा,'' भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में .. जिसे अंग्रेज़ी में कहते हैं वल्गर (बेइंतहा) वेतन दिए जा रहे हैं जिसका सरकार मुक़ाबला नहीं कर सकती. बाज़ार की ताकतें हैं. हम उसका सामना नहीं कर सकते. "

उनका कहना था कि वो किसी भी पायलट को अधिक तनख्वाह के लिए नौकरी छोड़ने से मना नहीं करते लेकिन उनकी अपनी मज़बूरियां हैं.

वो कहते हैं," मेरी कुछ ज़िम्मेदारियां हैं. मुझे भारत की जनता को जवाब देना है. अगर मुझे 100 पायलट चाहिए और मेरे पास 105 पायलट हैं तो मैं पांच को छोड़ दूंगा लेकिन अगर 95 पायलट हैं तो मैं क्या कर सकता हूं. "

2002 में 200 पायलटों ने और पिछले दो वर्ष में क़रीब 50 पायलटों ने वायु सेना की नौकरी छोड़ी है.

बीबीसी की जानकारी के मुताबिक इस समय भी 200 से अधिक पायलट नौकरी छोड़ना चाहते हैं. हालांकि इस बारे में वायुसेनाध्यक्ष कहते हैं," मुझे नहीं पता कि 200 का ये आकड़ा कहां से आया. कुछ आवेदन हैं जो इकाई की संख्या में है."

सुविधाएं

पायलटों को सुविधा दिए जाने के बारे में वो कहते हैं कि भारत जैसे देश में सबकुछ एक दिन में नहीं हो सकता है.

वो बताते हैं कि सभी पायलटों को घर मुहैया कराने की योजना पहले 30 साल में पूरी होनी थी लेकिन अब पैसा मिला है और ये योजना पांच साल में पूरी होने वाली है.

वायुसेनाध्यक्ष ने यह भी कहा कि अब भी वायु सेना के प्रति लोगों में उत्साह है और नौजवान अभी भी सेना में शामिल होना चाहते हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
जगुआरों के मलबे का पता लगा
03 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस
महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ जाँच शुरू
21 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>