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नौसेना दस्तावेज़ लीक मामले में छापे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की प्रमुख जाँच एजेंसी केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को नौसेना के गोपनीय दस्तावेज़ों के लीक होने के मामले में चार शहरों में छापे मारे हैं. सीबीआई ने इस संबंध में दिल्ली, कोलकाता, भुवनेश्वर और विशाखापट्टनम में अलग-अलग 14 लोगों के ठिकानों पर छापे मारे. कुल 19 ठिकानों पर छापे मारे गए जिनमें से दिल्ली में 15 जगहों पर, कोलकाता में दो जगहों पर और भुवनेश्वर और विशाखापट्टनम में एक-एक जगहों पर छापे मारे गए हैं. शुक्रवार को जारी एक बयान में सीबीआई ने कहा है कि जिन लोगों के यहाँ छापे मारे गए उनमें से छह नौसेना अधिकारी, दो थलसेना अधिकारी, एक नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, तीन रक्षा मंत्रालय के अधिकारी और दो नागरिक शामिल हैं. सबूत बयान में बताया गया है कि ये छापे अभी तक की जाँच में मिले संकेतों के आधार पर सभी ज़रूरी सबूत जुटाने के मकसद से मारे गए हैं. सीबीआई के मुताबिक अभी तक की जाँच से यह संकेत मिले हैं कि सेना के कई हिस्सों के अधिकारी और रक्षा मंत्रालय के भी अधिकारियों ने अपने निजी हितों के लिए यह महत्वपूर्ण सूचनाएं लीक की हैं. हालांकि सीबीआई छापों के बाद भी इस मामले में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं बता पा रही है. ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष मई में नौसेना की कुछ गोपनीय जानकारियों के लीक होने की ख़बरें आई थीं. नौसेना ने अभी ये जानकारी नहीं दी है कि लीक हुई सूचनाएँ किस बारे में थी. | इससे जुड़ी ख़बरें नौसेना लीक मामले में पाँच गिरफ़्तार06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'नौसेना को और उपकरणों की ज़रूरत'11 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस सीबीआई करेगी रक्षा सौदे की जाँच23 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस क्यों भरोसा नहीं होता सीबीआई पर?22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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