| 'नौसेना को और उपकरणों की ज़रूरत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नए नौसेना अध्यक्ष एडमिरल अरुण प्रकाश का कहना है कि नौसेना को उपकरणों और लोगों की कमी का सामना करना पड़ रहा है. बुधवार को कार्यभार सँभालने के बाद पहले संवाददाता सम्मेलन में एडमिरल प्रकाश ने कहा कि वह सरकार को इस बात के लिए आश्वस्त करने की कोशिश करेंगे कि अब नियुक्तियों पर लगी रोक हटाने की ज़रूरत है. सरकारी ख़र्च नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अधिकतर सरकारी मंत्रालयों में नई नियुक्तियों पर रोक लगा रखी है. एडमिरल प्रकाश ने कहा कि भारत के लड़ाकू जहाज़ भी काफ़ी पुराने हो चुके हैं और उन्हें भी बदलने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा, "हमें नौसेना के गिरते स्तर को रोकने की ज़रूरत है. ये 2012 तक गिरता ही रहेगा क्योंकि पुराने होते जा रहे जहाज़ बाहर होते जाएँगे." नौसेना अध्यक्ष का कहना था कि सेना के पास अभी लगभग 150 जहाज़ हैं और ये स्तर बनाए रखने की ज़रूरत है. विभिन्न स्रोतों से मिली ख़बरों के अनुसार अगले तीन साल में अगर पुराने हो रहे जहाज़ बदले नहीं गए तो ये संख्या गिरकर 127 हो जाएगी. एडमिरल प्रकाश का कहना था, "वर्ष 1985 से 1995 के बीच में नए जहाज़ों की बहुत ही कम माँग रखी गई मगर अब 19 जहाज़ निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं." भारत ने इस साल नई ख़रीदों के लिए रक्षा ख़र्च 18 प्रतिशत बढ़ाया है. भारत के रक्षा विशेषज्ञों ने इस क़दम का स्वागत तो किया है मगर साथ ही ये भी कहा कि अभी और धन की ज़रूरत है. |
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