BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 06 जून, 2006 को 19:12 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सरकार पर बढ़ोत्तरी वापस लेने का दबाव
पेट्रोल पंप
सरकार का कहना है कि बढ़ोत्तरी न्यूनतम है
पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाने का चौतरफ़ा विरोध हो रहा है और सरकार पर दबाव पड़ रहा है कि वो इस बढ़ोत्तरी को वापस ले.

प्रमुख विपक्षी दल भाजपा और सरकार को समर्थन दे रहे वामपंथी दल तो इसका विरोध कर ही रहे हैं. यूपीए सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने भी इस बढ़ोत्तरी को बहुत अधिक बताया है.

पेट्रोलिय मंत्री मुरली देवड़ा को यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गाँधी ने भी तलब किया था और इस मुलाक़ात के बाद पेट्रोलियम मंत्री ने क़ीमतों में बढ़ोत्तरी को तो उचित ठहराया लेकिन इसमें आंशिक कमी की संभावना से भी इंकार नहीं किया.

उल्लेखनीय है कि सोमवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल की क़ीमत में चार रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमतों में दो रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया था.

इस निर्णय का सोमवार को ही विभिन्न दलों ने विरोध किया था.

आंशिक कमी की संभावना

मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने पेट्रोलियम मंत्री को बुलाकर इस विषय में चर्चा की.

 सोमवार को मंत्रिमंडल ने जो निर्णय लिया वो बरक़रार है लेकिन किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता
मुरली देवड़ा, पेट्रोलियम मंत्री

समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने कहा, " सोमवार को मंत्रिमंडल ने जो निर्णय लिया वो बरक़रार है लेकिन किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता."

पेट्रोलियम मंत्री के इस बयान को क़ीमतों में हुई बढ़ोत्तरी को आंशिक रुप से कम किए जाने के संकेत के रुप में देखा जा रहा है.

हालांकि मुरली देवड़ा ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क़ीमतों में बढ़ोत्तरी वापस ली जा रही है या नहीं.

उन्होंने कहा है कि सरकार लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रही है कि पेट्रोलियम की अंतरराष्ट्रीय क़ीमतों को देखते हुए इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं था.

सरकार ने अपनी सफ़ाई में कहा है कि ये बढ़ोत्तरी न्यूनतम है.

विरोध

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इस बढ़ोत्तरी का देशव्यापी विरोध करने का निर्णय लिया है.

नक़वी
भाजपा का कहना है कि वामपंथी और कांग्रेसी विपक्ष की भी भूमिका निभा रहे हैं.

भाजपा इसके लिए दिल्ली और देश के बाक़ी हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और रैलियाँ करने जा रही है.

दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी इसमें भाग लेंगे.

पार्टी के उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी ने बीबीसी से हुई बात में जो कुछ कहा उससे साफ़ था कि वामपंथी दलों और ख़ुद कांग्रेस पार्टी ने इस बढ़ोत्तरी का जिस तरह से विरोध किया है उससे भाजपा अपने आपको ठगा सा महसूस कर रही है.

उन्होंने कहा, "वामपंथी दल और कांग्रेस सत्ता का भी सुख लेना चाहते हैं और अचानक विपक्ष की भूमिका में भी आ जाते हैं."

वामपंथी

उधर वामपंथियों ने मंगलवार को दिल्ली और केरल सहित देश के कई हिस्सों में इस बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

वैसे वामपंथी दलों ने 13 जून को राष्ट्रव्यापी विरोध करने का निर्णय लिया है. इस विरोध प्रदर्शन में मज़दूर संगठन भी भाग लेने जा रहे हैं.

सीपीआई के सचिव डी राजा ने कहा है कि सरकार जनता की भावनाओं को नहीं समझ रही है, यहाँ तक कि वो कांग्रेस की राय से भी अवगत नहीं दिखती.

पार्टी के वरिष्ठ नेता नीलोत्पल बसु ने कहा कि वामपंथी दलों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपने विचारों से उन्हें अवगत करा दिया था लेकिन कैबिनेट ने इसकी अनदेखी की.

नीलोत्पल बसु ने कहा कि सरकार समाज के धनी वर्ग पर भार देना नहीं चाहती और वह सिर्फ़ ग़रीबों को प्रताड़ित कर रही है.

इससे जुड़ी ख़बरें
तेल की क़ीमतों को लेकर चिंता
22 अप्रैल, 2006 | कारोबार
तेल रिज़र्व रखने का प्रस्ताव
20 सितंबर, 2005 | कारोबार
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>