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तेल आपूर्ति बढ़ाने पर ओपेक की बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के प्रतिनिधि सोमवार को वियना में बैठक करेंगे जिसमें तेल की बढ़ती माँग को देखते हुए तेल का उत्पादन बढ़ाए जाने पर विचार होगा. ओपेक पर तेल का उत्पाद बढ़ाने के लिए राजनीतिक दबाव बन रहा है. ब्रिटेन के वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन ने ओपेक पर आरोप लगाया है कि दुनिया में तेल की माँग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर रहा है. मगर ओपेक ने कहा है कि वह तेल की आपूर्ति बढ़ाकर अपना बाज़ार नहीं ख़राब करना चाहता. तेल की बढ़ती माँग के अतिरिक्त पिछले दिनों अमरीका के दक्षिणी हिस्से में कैटरीना तूफ़ान के कारण भी कई तेल प्रतिष्ठानों मे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ा. वैसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 70.85 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर जाने के बाद अब घटकर 63 डॉलर प्रति डॉलर पर आ गई है. ओपेक के वेनेज़ुएला जैसे कुछ सदस्य देश तेल की आपूर्ति बढ़ाने का तो समर्थन कर रहे हैं लेकिन साथ ही कह रहे हैं कि तेल साफ़ करने में समस्याओं के कारण लगता नहीं कि केवल उत्पादन बढ़ाने से संकट दूर हो जाएगा. वियना में ओपेक देशों की बैठक में तेल के उत्पादन में पाँच लाख बैरल से लेकर 10 लाख बैरल प्रतिदिन तक उत्पादन बढ़ाने पर विचार होगा. ओपेक के अध्यक्ष और कुवैत के तेल मंत्री शेख़ अहमद अल सबाह ने कहा है,"हम बाज़ार को आरामदायक स्थिति में लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे". फ़िलहाल ओपेक देश प्रतिदिन दो करोड़ 80 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करते हैं. |
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