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पेट्रोल ढाई रुपए, डीज़ल दो रुपए महँगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है. इसके तहत पेट्रोल ढाई रुपए और डीज़ल दो रुपए महंगा हो जाएगा. रसोई गैस यानी एलपीजी और मिट्टी के तेल यानी कैरोसिन की क़ीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. बढ़ी हुई क़ीमतें सोमवार को आधी रात के बाद लागू हो जाएँगी. केंद्र की यूपीए सरकार ने वामपंथी दलों के दवाब में पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी को लंबे समय से रोक रखा था. हालांकि अभी भी वामपंथी दल पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी के पक्ष में नहीं थे और इस बढ़ोत्तरी पर विरोध दिवस मनाने की घोषणा की है. फ़ैसला इस फ़ैसले की घोषणा करते हुए सूचना-प्रसारण मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा है कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने एक घंटे लंबी चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है. इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने की. जयपाल रेड्डी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतों में हुई भारी बढ़ोत्तरी के बाद सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा है. बैठक के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने बताया कि बजट में लागू किए गए नए कर प्रावधानों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की जो क़ीमतें हो गई हैं उसके तहत डीज़ल की क़ीमतों में 5.13 रुपए और पेट्रोल की क़ीमतों में 4.68 रुपए की बढ़ोत्तरी की ज़रुरत थी. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की क़ीमतों में हुई बढ़ोत्तरी के बोझ को सरकार, तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच बराबर रुप से बाँटने की पुरानी नीति के तहत ही क़ीमतों में बढ़ोत्तरी की गई है और इसीलिए क़ीमतों में बढ़ोत्तरी अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है. |
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