|
गैस पाइपलाइन पर उत्साहजनक संकेत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि ईरान से पाकिस्तान होकर भारत आने वाली गैस पाइपलाइन परियोजना पर अगले साल से काम शुरू हो सकता है. अरबों डॉलर की इस परियोजना की सुरक्षा पर पाकिस्तानी अधिकारियों से बात करने भारत के पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर इस समय पाकिस्तान के दौरे पर हैं. मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ से मुलाक़ात के बाद यह घोषणा की. रविवार को उन्होंने पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अमानुल्ला ख़ान जदून से मुलाक़ात की थी. राजधानी इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में मणिशंकर अय्यर ने कहा कि दोनों देशों ने दो अन्य गैस परियोजनाओं पर भी बातचीत के लिए रज़ामंदी व्यक्त की है. इनमें से एक परियोजना में तुर्कमेनिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत शामिल हैं जबकि दूसरे में क़तर, पाकिस्तान और भारत. मणिशंकर अय्यर ने बताया कि दोनों देशों ने ईरान से पाकिस्तान होकर भारत जाने वाली गैस पाइपलाइन पर अमरीका की आपत्तियों को ख़ारिज कर दिया और कहा कि वे अमरीका के दबाव में नहीं आएँगे. दोनों देशों के बीच तनाव के कारण एक बार यह बातचीत स्थगित कर दी गई थी. 2600 किलोमीटर की इस पाइपलाइन पर क़रीब चार अरब डॉलर का ख़र्च आएगा. संयुक्त कार्यदल भारतीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने बताया कि दोनों देशों में इस बात पर सहमति हो गई है कि ईरान से आने वाली गैस पाइपलाइन के मुद्दे पर वे एक संयुक्त कार्यदल बनाएँगे.
इस कार्यदल का नेतृत्व दोनों देशों के पेट्रोलियम मंत्रालयों के सचिव करेंगे. यह कार्यदल अगले महीने से काम करना शुरू कर देगा. उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे पर पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अमानुल्लान ख़ान जदून अगस्त में भारत के दौरे पर आएँगे. मणिशंकर अय्यर ख़ुद नवंबर में पाकिस्तान का दौरा करेंगे. मणिशंकर अय्यर ने बताया कि गैस पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता पर पाकिस्तान ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है. उन्होंने बताया कि भारत इस परियोजना पर ईरान के साथ सब कुछ तय कर चुका है और अब पाकिस्तान ईरान के साथ तकनीकी पक्षों पर बातचीत करेगा और सब कुछ छह महीने के अंदर तय हो जाने की उम्मीद है. भारतीय पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि जिस रफ़्तार से भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में प्रगति हो रही है, उस स्थिति में किसी बाहरी स्रोत से गैस लेना ज़रूरी है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने तुर्कमेनिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के बीच एक अन्य गैस परियोजना पर भी दिलचस्पी दिखाई है. पाकिस्तान ने इसे स्पष्ट किया है कि इस परियोजना पर तुर्कमेनिस्तान में होने वाली तीन देशों की बातचीत में भारत भी शामिल होगा. मणिशंकर अय्यर ने ये भी बताया कि पाकिस्तान को सस्ता डीजल देने पर मंगलवार को बातचीत होगी. भारत के लिए यह परियोजना काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस परियोजना के पूरा होने पर वह अपनी ऊर्जा की कमी को पूरा कर पाएगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||