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तेल रिज़र्व रखने का प्रस्ताव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के अध्यक्ष शेख़ अहमद फ़हद अल सबाह ने कहा है कि तेल की बढ़ती माँग को पूरा करने के इरादे से और ज़्यादा तेल उपलब्ध कराने की योजना पर कोई सहमति हो सकती है. ग़ौरतलब है कि ओपेक के प्रतिनिधि तेल की बढ़ती क़ीमतों के मद्देनज़र मंगलवार को वियना में बैठक कर रहे हैं और इस प्रस्ताव को इसी बैठक में पेश किया जाएगा. इस प्रस्ताव में कहा गया है कि क़रीब बीस लाख बैरल तेल प्रतिदिन के हिसाब से रिज़र्व के तौर पर रखा जाएगा जिसे ज़रूरत पड़ने पर बाज़ार में भेजा जा सकेगा. उधर ओपेक की बैठक से एक दिन पहले विश्व बाज़ार में तेल क़ीमतों में उछाल आया और सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. एक बैरल तेल की क़ीमत 4.39 डॉलर बढ़कर 67.39 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गईं. दिसंबर 2001 के बाद से किसी एक दिन में यह सबसे ज़्यादा वृद्धि थी. शेख़ अहमद फ़हद अल सबाह ने कहा है को ओपेक का कोई भी सदस्य देश इस योजना के ख़िलाफ़ नहीं है. ओपेक पर तेल का उत्पाद बढ़ाने के लिए अमरीका और ब्रिटेन की तरफ़ से तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए दबाव रहा है ताकि बढ़ती क़ीमतों को नीचे लाया जा सके. ओपेक ने कहा है कि वह पहले से ही कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति कर रहा है और समस्या कच्चे तेल के शोधन की क्षमता की है. दबाव ब्रिटेन के वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन ने ओपेक पर आरोप लगाया है कि दुनिया में तेल की माँग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर रहा है. मगर ओपेक ने कहा है कि वह तेल की आपूर्ति बढ़ाकर अपना बाज़ार नहीं ख़राब करना चाहता.
तेल की बढ़ती माँग के अतिरिक्त पिछले दिनों अमरीका के दक्षिणी हिस्से में कैटरीना तूफ़ान के कारण भी कई तेल प्रतिष्ठानों मे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ा. वैसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 70.85 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर जाने के बाद अब घटकर 63 डॉलर प्रति डॉलर पर आ गई है. ओपेक के वेनेज़ुएला जैसे कुछ सदस्य देश तेल की आपूर्ति बढ़ाने का तो समर्थन कर रहे हैं लेकिन साथ ही कह रहे हैं कि तेल साफ़ करने में समस्याओं के कारण लगता नहीं कि केवल उत्पादन बढ़ाने से संकट दूर हो जाएगा. वियना में ओपेक देशों की बैठक में तेल के उत्पादन में पाँच लाख बैरल से लेकर 10 लाख बैरल प्रतिदिन तक उत्पादन बढ़ाने पर विचार होगा. ओपेक के अध्यक्ष और कुवैत के तेल मंत्री शेख़ अहमद अल सबाह ने कहा है,"हम बाज़ार को आरामदायक स्थिति में लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे". फ़िलहाल ओपेक देश प्रतिदिन दो करोड़ 80 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करते हैं. |
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