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रिलायंस आएगा रिटेल बाज़ार में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में आने वाले दिनों में रिटेल क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई देने वाली है क्योंकि अब रिलायंस उद्योग समूह भी इस बाज़ार में उतरने जा रहा है. अंबानी भाइयों के बीच विधिवत बँटवारे के बाद मुकेश अंबानी वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ समूह ने रिटेल बाज़ार में आने का फ़ैसला किया है. यानी आने वाले दिनों में रिलायंस के सुपरमार्केट और हाइपरमार्केट दिखने वाले हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने भारत भर में रिटेल स्टोर खोलने में 3,375 करोड़ रुपए का निवेश करने की घोषणा की है. रिलायंस ने इस निवेश का फ़ैसला ऐसे समय में किया है जब केंद्र सरकार के सामने रिटेल क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का मामला विचाराधीन है और वालमार्ट जैसी बड़ी बहुराष्ट्रीय रिटेल कंपनियाँ भारत के बाज़ार में प्रवेश करने के लिए दरवाज़े पर खड़ी हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने सोमवार को बोर्ड की बैठक के बाद पहली बार रिटेल क्षेत्र में जाने की घोषणा की. दरअसल विभाजन के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के पास सिर्फ़ पेट्रोलियम और पेट्रोकैमिकल्स कंपनियाँ बची थीं. हालाँकि रिलायंस अपने पेट्रोल पंपों के ज़रिए भारतीय बाज़ार में पहले उतर चुकी है. इस फ़ैसले के साथ ही रिलायंस ने नए पब्लिक इश्यू लाने की भी घोषणा की है. | इससे जुड़ी ख़बरें बंटवारे के बाद रिलायंस के शेयर गिरे18 जनवरी, 2006 | कारोबार हस्तांतरण से पहले रिलायंस में तेज़ी 17 जनवरी, 2006 | कारोबार हरियाणा में रिलायंस औद्योगिक क्षेत्र12 दिसंबर, 2005 | कारोबार रिलायंस खोलने जा रहा है ढाबे28 जून, 2005 | कारोबार रिलायंस समूह के बँटवारे पर सहमति18 जून, 2005 | कारोबार अनिल अंबानी ने दिया इस्तीफा03 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस अंबानी ने की निदेशकों से अपील28 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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