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बड़े गैस भंडार का पता चला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (जीएसपीसी) ने आंध्र प्रदेश में कृष्णा-गोदावरी नदी घाटी क्षेत्र में भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस का पता लगाया है. इसकी घोषणा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अहमदाबाद में की, उन्होंने बताया कि यह पिछले कुछ वर्षों में भारत में गैस के सबसे बड़े भंडार की खोज है. जीएसपीसी का कहना है कि वहाँ लाखों घन फुट गैस मौजूद है, इस गैस भंडार की क़ीमत लगभग 50 अरब डॉलर आँकी गई है. नरेंद्र मोदी ने पत्रकारों को बताया कि इस परियोजना का नाम 'दीनदयाल' रखा गया है. उनका कहना था कि इस गैस भंडार की खोज के बाद भारत का प्राकृतिक गैस का उत्पादन दोगुना तक बढ़ जाएगा. मोदी ने कहा, "यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वह इस गैस भंडार का जल्द से जल्द व्यावसायिक प्रयोग शुरू कर दे." पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मोदी ने संभावना व्यक्त की है कि 2007 तक वहाँ से गैस की बिक्री शुरू हो सकेगी. उन्होंने बताया कि कृष्णा-गोदावरी नदी घाटी क्षेत्र में काकीनाडा तट से छह किलोमीटर की दूरी पर 5061 मीटर की खुदाई के बाद गैस का पता चला है. उन्होंने कहा कि गैस को गुजरात लाया जाएगा और रास्ते में पड़ने वाले राज्यों को भी उसका कुछ हिस्सा बेचा जा सकता है, यह सब कुछ राज्यों के साथ होने वाले समझौते पर निर्भर करेगा. जब पत्रकारों ने पूछा कि इस गैस निकालने और बेचने के लिए किया जाने वाला 1500 करोड़ रुपए का निवेश कहाँ से आएगा, इसके जवाब में मोदी ने कहा कि परियोजना को पैसों की दिक़्कत नहीं होगी क्योंकि "निवेशकों लाइन लग जाएगी." कृष्णा गोदावरी नदी घाटी में पिछले कुछ समय से कई सरकारी और निजी कंपनियाँ गैस की तलाश के काम में लगी रही हैं. |
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