|
युकोस की इकाई पर ओएनजीसी की नज़र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय पेट्रोलियम कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम(ओएनजीसी) ने कहा है कि वह रूसी तेल कंपनी युकोस की पूर्व इकाई युगांस्कनेफ़्ट में हिस्सेदारी पाने की कोशिश कर रही है. ओएनजीसी के चेयरमैन सुबीर राहा ने कहा, "हम युकोस की परिसंपत्तियों और रूस में अन्य अवसरों के बारे में संबंधित विभागों के संपर्क में हैं." स्थानीय मीडिया में ख़बरें हैं कि ओएनजीसी रूसी तेल कंपनी युकोस की प्रमुख उत्पादन इकाई युगांस्कनेफ़्ट में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने के प्रयास में है. इस पर क़रीब दो अरब डॉलर की लागत आएगी. ओएनजीसी ने पिछले साल ही युकोस में पैसा लगाने के संकेत दिए थे लेकिन उसने युगांस्कनेफ़्ट की नीलामी में भाग नहीं लिया. उल्लेखनीय है कि बकाया कर के मामले में क़दम उठाते हुए रूसी अधिकारियों ने युकोस कंपनी की महत्वपूर्ण इकाई युगांस्कनेफ़्ट की नीलामी कर दी थी. इस प्रक्रिया में युगांस्कनेफ़्ट पिछले महीने सरकारी नियंत्रण वाली कंपनी रोसनेफ़्ट के क़ब्ज़े में चली गई. अब रूस सरकार युगांस्कनेफ़्ट को सरकारी नियंत्रण वाली एक नई कंपनी का रूप देने की इच्छुक है. ओएनजीसी पहले से ही एक परियोजना में रोसनेफ़्ट के साथ साझेदारी में है. माना जाता है कि चीन की तेल कंपनी चाइना नेशनल पेट्रोलियम भी युगांस्कनेफ़्ट में हिस्सेदारी पाने की कोशिश कर रही है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||