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युकोस पर सरकार का प्रभावी नियंत्रण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निजी क्षेत्र की रूसी तेल कंपनी युकोस पर रूस की सरकार ने अप्रत्यक्ष तौर पर नियंत्रण बना लिया है. दरअसल युकोस के एक प्रमुख हिस्से को ख़रीदने वाली कंपनी बैकाल फ़ाइनेंस ग्रुप को रोसनेफ़्ट को बेच दिया गया है. रोसनेफ़्ट सरकारी क्षेत्र की कंपनी है. बैकाल ग्रुप ने पिछले रविवार को ही नीलामी में युकोस की एक बड़ी इकाई युगांस्कनेफ़्टगैस को ख़रीदा था. युगांसक्नेफ़्टगैस रूस के कुल तेल उत्पादन का 11 प्रतिशत हिस्सा उत्पादित करती है. सरकार ने युकोस से कर की भारी रकम वसूलने के लिए उसकी इकाई को नीलामी पर चढ़ाया था. बैकाल ने एक तेल इकाई को ख़रीदने के अपने उद्देश्यों का कोई ख़ुलासा नहीं किया था. 'बदले की भावना' पहले ही इस बात की अटकलें लगाई जा रही थी कि युगांस्कनेफ़्टगैस आख़िरकार सरकारी नियंत्रण में जाएगी. रूसी समाचार एजेंसी इंटरफ़ैक्स के अनुसार रोसनेफ़्ट ने बैकाल के सारे शेयर ख़रीद लिए हैं. युगांस्कनेफ़्टगैस की बिक्री के बाद युकोस का आधार बहुत कमज़ोर होना तय माना जाता है. युकोस आरोप लगाती रही है कि उसे सरकार जानबूझकर निशाना बना रही है क्योंकि वह इसके संस्थापक मिखाइल खोदोरकोवस्की को उनकी राजनीतिक महात्वाकांक्षा के लिए दंडित करना चाहती है. खोदोरकोवस्की जालसाज़ी और कर चोरी के आरोपों में पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. |
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