|
युकोस तेल कंपनी के मुख्यालय पर छापा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूसी अधिकारियों ने देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी युकोस के मुख्यालय पर छापा मारा है. राजधानी मॉस्को स्थित कंपनी के 20 मंज़िले मुख्यालय को हथियारबंद पुलिस ने नौ घंटे तक सील रखा, जबकि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने कार्यालयों की तलाशी ली. रूसी महाअभियोजक के कार्यालय ने कहा कि युकोस मुख्यालय पर छापा कंपनी पर कर चोरी और धोखाधड़ी के आरोपों की जाँच के तहत डाला गया. पुलिस युकोस के अनेक दस्तावेज़ बक्सों में भर कर अपने साथ ले गई है. उल्लेखनीय है कि अधिकारियों ने युकोस को बुधवार तक का समय दे रखा है कि वह अकेले वर्ष 2000 के लिए तीन अरब डॉलर से ज़्यादा का कर चुकाए. 'दिवालिया होने का ख़तरा' कंपनी के ख़ाते सील किए जाने और परिसंपत्ति ज़ब्त किये जाने की धमकी के बाद युकोस अधिकारियों ने कंपनी के दिवालिया होने का ख़तरा बताया था. धोखाधड़ी और कर चोरी के आरोपों में युकोस के प्रमुख शेयर होल्डर अरबपति व्यवसायी मिखाइल खोदोरकोव्स्की जेल में है. उनके ख़िलाफ़ मामले की सुनवाई 12 जुलाई को शुरू हो रही है. अनेक विश्लेषकों का मानना है कि खोदोरकोव्स्की के ख़िलाफ़ मामले राजनीति से प्रेरित हैं. उल्लेखनीय है कि वह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी दलों को आर्थिक सहायता देते रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||