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युकोस मामले पर रूसी प्रधानमंत्री चिंतित
रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल कैसियानोव ने कहा है कि वे रूस की बड़ी तेल कंपनी युकोस के संकटग्रस्त होने से चिंतित हैं. युकोस मामले के चलते रूस के बड़े उद्योगपतियों और सरकार के बीच ठन गई है. प्रधानमंत्री कैसियानोव की टिप्पणी को सरकारी अधिकारियों की युकोस के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई की आलोचना माना जा रहा है. ताज़ा कार्रवाई के तहत युकोस के आधे शेयरों की बिक्री और ख़रीद पर रोक लगाई गई है. बीबीसी संवाददाता के अनुसार ऐसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री कैसियानोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इस मामले में दख़ल न देने की चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया है. राजनीतिक कारण बहुत सारे रूसी ये मानते हैं कि प्रमुख उद्योगपति और यूकोस तेल कंपनी के अध्यक्ष मिखाइल ख़ोदोरकोफ़स्की की गिरफ़्तारी राजनीतिक कारणों से प्रेरित है.
ख़ोदोरकोफ़स्की ने विपक्षी दलों को धन दिया है. काफ़ी समय से ऐसा माना जाता था कि ख़ोदोरकोफ़्सकी राजनीति में दख़ल नहीं देंगे और और इसके एवज़ में उनकी कंपनी के वित्तीय मामलों की छानबीन नहीं की जाएगी. पर्यवेक्षकों का मानना है कि युकोस का मामला राष्ट्रपति पुतिन के लिए पिछले तीन साल का सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक संकट है. जहाँ निवेशकों का ध्यान इस मामले में राष्ट्रपति पुतिन पर केंद्रित है वहीं राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे रूसी कट्टरपंथियों की राजनीतिक विरोधियों को दबाने की चाल के रूप में देख रहे हैं. प्रधानमंत्री कैसियानोव का कहना है, "युकोस के शेयरों पर लगा रोक एक नया कदम है जिसके परिणामों के बारे में कुछ कहना मुश्किल है." प्रधानमंत्री लंबे समय से रूसी राजनीति में हैं और वे सत्ता में पूर्व राष्ट्रपुति बोरिस यल्तसिन के समय में आए थे जब संदेहपूर्ण ढंग से सरकारी कंपनियों का निजिकरण हुआ. चिंता और उसके कारण रूस के औद्योगिक क्षेत्र में बहुत चिंता का महौल है. कोई ये नहीं पूछ रहा कि ख़ोदोरकोफ़्स्की दोषी हैं या नहीं. रूस में 1990 के दशक में बड़े पैमाने पर उद्योगों का निजिकरण हुआ था और अब ये सवाल किए जा रहे हैं कि क्या अब उस समय के निजिकरण और उससे संबंधित भ्रष्टाचार की जाँच शुरु हो गई है? चाहे राष्ट्रपति पुतिन ने इस बारे में आश्वासन देने की कोशिश की है लेकिन उद्योगपति और राजनीतिज्ञ मानते हैं कि रूस में होने वाला अरबों डॉलर का पूँजीनिवेश एक ही महीने में रूस के बाहर चला गया है. उद्योगपति खोदोरकोफ़्सकी की गिरफ़्तारी के दो कारण मानते हैं. पहला ये कि युकोस का एक बड़ा हिस्सा अमरीकी कंपनी एक्सॉन-मोबिल को बेचा जाना था जिससे कंपनी की रूसी हाथों से बाहर चली जाती और राष्ट्रपति पुतिन ऐसा नहीं होने दे सकते थे. दूसरा कारण वे ये मानते कि ख़ोदोरकोफ़्सकी ने राष्ट्रपति का विरोध कर रही पार्टियों को धन-राशि देनी शुरु की जिससे राष्ट्रपति पुतिन को राजनीतिक तौर पर ख़तरा हो सकता था. |
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