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गिरफ़्तारी से रूसी बाज़ार प्रभावित
रूस की तेल क्षेत्र की विशाल कंपनी यूकोस के प्रमुख की गिरफ़्तारी के बाद रूसी शेयर बाज़ार के खुलते ही उनमें 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. यूकोस तेल कंपनी के प्रमुख मिखाइल ख़ोदोरकोफ़स्की को रूस की पुलिस ने एक अरब डालर की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया था. उधर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि वे इस बारे में रूसी उद्योगपतियों से कोई चर्चा नहीं करेंगे.
चुनावों से पहले मिखाइल ख़ोदोरकोफ़स्की की गिरफ़्तारी को लेकर चिंता जताई जा रही है. वे रूस के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक माने जाते हैं. माना जाता है कि ख़ोदोरकोफ़स्की के पास आठ अरब डॉलर की व्यक्तिगत संपत्ति है. सन् 1990 के दौरान कंपनियों का जब निजीकरण किया जा रहा था तो उन्होंने संपत्ति अर्जित की थी. मामला ऐसे नव-धनाढयों ने अपनी संपत्ति देश के बाहरी देशों में रखी है जबकि कुछेक क्षेत्रीय राजनीति में भी आ गए हैं. प्रेक्षकों का कहना है कि ख़ोदोरकोफ़स्की को राष्ट्रपति पुतिन के समर्थक संभावित प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते हैं और उनकी गिरफ़्तारी ऐसे नव-धनाढयों को राजनीति से दूर रखने की एक कोशिश है. हालाँकि उनकी गिरफ़्तारी से ऊर्जा क्षेत्र में निवेश में पर असर पड़ सकता है. रूसी अधिकारियों का कहना है कि ख़ोदोरकोफ़स्की ने कई बार पूछताछ के लिए भेजे गए सम्मन की अनदेखी की. लेकिन कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी को सम्मन मिले थे और इनका जवाब दे दिया गया था कि ख़ोदोरकोफ़स्की कारोबार के सिलसिले में बाहर गए हैं. ख़ोदोरकोफ़स्की के अलावा कंपनी के कई अधिकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हैं. |
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